मानसा में कर्ज की अदायगी न होने के चलते एक निजी बैंक द्वारा की जा रही मकान की कुर्की और कब्जे की कार्रवाई को किसान संगठन ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) डकौंदा के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर बैंक की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और साफ चेतावनी दी कि वे किसी भी गरीब, मजदूर, किसान या छोटे व्यापारी का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के जिला प्रधान महेंद्र सिंह भैणी बाघा ने इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसा निवासी एक छोटे दुकानदार मनप्रीत सिंह ने वर्ष 2022 में अपने मकान के निर्माण के लिए एक निजी बैंक से 16 लाख 90 हजार रुपये का लोन (ऋण) लिया था। मनप्रीत सिंह ने ईमानदारी से किस्तों के माध्यम से बैंक को लगभग 4 लाख रुपये की राशि वापस भी कर दी थी। इसके बाद, किन्हीं अपरिहार्य परिस्थितियों और वित्तीय संकट के चलते उनकी किस्तें रुक गईं। डेढ़ साल बाद कब्जा वारंट लेकर पहुंची बैंक टीम किस्तें टूटने के लगभग डेढ़ साल बाद, निजी बैंक की टीम मनप्रीत सिंह के घर पर कब्जा वारंट लेकर पहुंच गई और मकान को कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। जानकारी मिलने भारतीय किसान यूनियन डकौंदा को लगी, वे तुरंत भारी संख्या में दुकानदार मनप्रीत सिंह के हक में मौके पर पहुंच गए और बैंक की कार्रवाई के सामने डट गए। किसानों के भारी विरोध को देखते हुए बैंक की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। किसान संगठन बोले- दोबारा कोशिश की तो होगा बड़ा आंदोलन जिला प्रधान महेंद्र सिंह भैणी बाघा और अन्य किसान नेताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि यह संगठन का कड़ा और स्पष्ट फैसला है कि पूरे क्षेत्र में किसी भी गरीब किसान, मजदूर या छोटे दुकानदार के घर, जमीन, दुकान या प्लॉट की कुर्की किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। किसान संगठन ने बैंक प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि यदि आने वाले दिनों में बैंक अधिकारियों ने दोबारा मनप्रीत सिंह के मकान या उनके कारोबार पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की, तो किसान संगठन इसके खिलाफ और उग्र मोर्चा खोलेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक और स्थानीय प्रशासन की होगी।
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मानसा में किसानों ने दुकानदार के मकान की कुर्की रुकवाई:16.90 लाख रुपए का लिया था लोन, डेढ़ साल से किस्तें नहीं चुका पाया था
