spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

महेंद्रगढ़ के होमगार्ड अधिकारी की अग्रिम जमानत खारिज:ड्यूटी लगाने के नाम पर रिश्वत वसूली के आरोप; हाईकोर्ट ने जांच में हस्तक्षेप से किया इनकार




पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कथित रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए होमगार्ड विभाग के अधिकारी विजयपाल सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति सुमीत गोयल की अदालत ने 27 जुलाई 2026 को सुनाए गए आदेश में कहा कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। मामला महेंद्रगढ़ जिले में तैनात होमगार्ड कर्मचारियों से कथित रूप से रिश्वत वसूली से जुड़ा है। एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता अशोक, जो स्वयं होमगार्ड के रूप में कार्यरत है, ने आरोप लगाया था कि होमगार्ड विभाग में कार्यरत राकेश कर्मचारियों से महेंद्रगढ़ में ड्यूटी लगाने और बिना ब्रेक ड्यूटी जारी रखने के बदले प्रत्येक तिमाही छह हजार रुपए की रिश्वत मांगता था। आरोप है कि यह राशि सतवीर नामक कर्मचारी के माध्यम से एकत्र की जाती थी। कई किस्तों में दी राशि शिकायत में यह भी कहा गया कि जब रिश्वत की रकम कम करने का अनुरोध किया गया तो बताया गया कि यह धनराशि आगे विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है। आरोप है कि नवंबर और दिसंबर 2025 के दौरान शिकायतकर्ता से कई किस्तों में राशि ली गई तथा जनवरी 2026 में भी शेष रकम की मांग की गई। मूल एफआईआर में नहीं है नाम सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने दलील दी कि उसका नाम मूल एफआईआर में नहीं है और उसे केवल सह-अभियुक्तों के बयानों के आधार पर मामले में शामिल किया गया है। साथ ही उसके खिलाफ रिश्वत मांगने या राशि प्राप्त करने का कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं है। हालांकि अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद संबंधित जांच एजेंसी अब मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी। इस फैसले को भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles