भिवानी में डीसी साहिल गुप्ता ने विकास कार्य में घोर लापरवाही बरतने पर लोहड़ के कानूनगो सुमेर सिंह और विकास कार्यों में गबन पाए जाने पर गांव देवावास के सरपंच सुलतान सिंह को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। निलंबित कानूनगो का मुख्यालय सिवानी किया गया है, जो बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। वहीं दूसरी ओर डीसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी द्वारा जारी आदेशानुसार सुमेर के खिलाफ लोकायुक्त से एक शिकायत प्राप्त हुई थी कि उसने तत्कालीन लोहड़ में पटवारी के पद पर रहने के दौरान एक इंतकाल मंजूर करवाया। लेकिन उसे जमाबंदी में दर्ज नहीं किया। इस मामले की जांच एडीसी दीपक बाबूलाल करवा से करवाई, जिसमें सुमेर को दोषी पाया गया। दोषी पाए जाने पर डीसी ने वर्तमान में भिवानी लोहाड़ कानूनगो के पद पर कार्यरत सुमेर सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उपमंडल अधिकारी (ना.) सिवानी निर्धारित किया है। उन्हे निर्देश दिए कि वे उपमंडल अधिकारी (ना.) सिवानी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। गांव देवावास के सरपंच पर विकास कार्यों में गबन का आरोप
गांव देवावास के सरपंच के खिलाफ विकास कार्यों में गबन किए जाने की शिकायत मिली। इस पर डीसी ने एसडीएम की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। जिसमें पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता और जिला परिषद के कार्यकारी अभियंता शामिल थे। जांच के दौरान विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं, सामग्री सत्यापन में कमी और अभिलेखों में गंभीर खामियां सामने आईं। यह मिली थी शिकायत
पीडब्लूडी रोड से भागीरथ के मकान तक गली निर्माण के कार्य, मनोहर लांबा के घर से मनोज लांबा के घर तक गली निर्माण के कार्य बिल और स्टेडियम के गेट से टेकचंद सांगवान के मकान तक रास्ता निर्माण के कार्य, जगदीप गोयत से सोनू पुत्र भूप सिंह के मकान तक फिरनी मरम्मत के कार्य में प्रयुक्त सामग्री बिल पंचायती राज अधिकारी से सत्यापन करवाए बिना ही बिल की अदायगी करना। शिवधाम की चारदीवारी निर्माण कार्य में सीमेंट खरीद में घोर अनियमितता बरतना और नेकीराम लांबा घर के पास आंगनवाड़ी केंद्र की मरम्मत कार्य में फर्जी बिल लगाने का मामलों में शिकायत मिली थी। डीसी ने सरपंच सुल्तान को किया निलंबित
कमेटी द्वारा जांच रिपोर्ट डीसी साहिल गुप्ता के समक्ष प्रस्तुत की। जांच में दोषी पाए जाने पर डीसी ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 51(1)(बी) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरपंच सुल्तान सिंह को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित करने के आदेश जारी किए। साथ ही धारा 51(2) के तहत उन्हें पंचायत की किसी भी बैठक में भाग लेने से भी प्रतिबंधित किया गया है। आदेशों में संबंधित ग्राम सचिव को निर्देश दिए कि पंचायत की समस्त चल-अचल संपत्ति, धनराशि, अभिलेख एवं अन्य रिकॉर्ड तत्काल अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार वरिष्ठ पंच को सौंपे जाएं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
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