फरीदाबाद में स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के छायंसा उपमंडल कार्यालय में तैनात सहायक लाइनमैन (ALM) सोनू राम को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी शिकायतकर्ता से बिजली चोरी का मामला दबाने के एवज में कुल 8 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था। विजिलेंस को दी गई शिकायत में पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2020 में बिजली विभाग की टीम ने उसके घर पर बिजली चोरी के संदेह में छापेमारी की थी। उस दौरान जेई धर्मेंद्र के साथ आए कर्मचारी सोनू राम ने कथित तौर पर जुर्माना कम कराने के नाम पर 18 हजार रुपए की मांग की थी। हालांकि, उस समय शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया था। दोबारा से बिजली चोरी की बात कही शिकायतकर्ता के अनुसार, 10 जून 2026 को सोनू राम का दोबारा फोन आया। उसने दावा किया कि विभागीय टीम ने फिर से उसके घर पर बिजली चोरी पकड़ी है और उसकी तस्वीरें भी खींची गई हैं। आरोपी ने कहा कि यदि वह केस से बचना चाहता है तो कार्यालय आकर उससे मिले। इसके बाद सोनू राम ने व्हाट्सएप पर बिजली चोरी से संबंधित तस्वीरें भी शिकायतकर्ता को भेज दीं। 3 हजार रुपए कैश ले रहे थे इसके बाद अगले दिन शिकायतकर्ता छायंसा स्थित बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचा, जहां सोनू राम ने उससे 3 हजार रुपए कैश ले लिए और कहा कि मामले में कई लोग शामिल हैं, इसलिए उसे 5 हजार रुपए और देने होंगे। विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते पकड़ा इसके बाद शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत की पुष्टि होने पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और 12 जून को आरोपी सोनू राम को छायंसा उपमंडल कार्यालय के पास स्थित एक निजी परचून की दुकान से शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। 3 हजार रुपए भी बरामद किए जांच के दौरान विजिलेंस टीम ने आरोपी के कब्जे से पहले लिए गए 3 हजार रुपए भी बरामद कर लिए। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) की धारा-7 में मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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