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कुरुक्षेत्र सरकारी अस्पताल में महिला की मौत:चार बच्चों की मां, पति बोला- इलाज का कहने पर नर्स का ताना, मर थोड़े गई




हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में 30 साल की महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिवार ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। मृतक की पहचान मनीषा निवासी गांव कमोदा के रूप में हुई है। परिवार जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। आज बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। मनीषा चार बच्चे बेटी जेसमन (12), बेटे विवान (8), रिहान (6) और अनमोल (3) की मां थी। सीने में दर्द होने पर पहले पिहोवा अस्पताल ले गए पति अजय कुमार ने बताया कि उसकी शादी करीब 15 साल पहले करनाल के बालू गांव निवासी मनीषा से हुई थी। कल अचानक सुबह मनीषा की छाती में तेज दर्द हुआ। वह उसे पहले पिहोवा के नागरिक अस्पताल लेकर गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे LNJP अस्पताल कुरुक्षेत्र रेफर कर दिया। सही से इलाज नहीं किया- अजय अजय ने आरोप लगाया कि LNJP अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी पत्नी को सही इलाज नहीं मिला। नर्स ने दो इंजेक्शन लगाए, लेकिन उसके बाद मनीषा की तरफ ध्यान नहीं दिया। उसकी पत्नी दर्द से तपड़ती रही। उसकी सास ने कई बार नर्स से मनीषा को देखने के लिए गुहार लगाई। नर्स बोली- कहीं मर थोड़ी गई, जो रो रहे उसने खुद भी नर्स से मनीषा की दोबारा जांच की मांग की। थक हार नर्स ने मनीषा को नहीं देखा तो उसकी सास रोने लग गई। आरोप लगाया कि इस नर्स ने पूरी अकड़ के साथ उसकी सास से ये कहीं मर थोड़ी गई, जो रो रही की बात कही। इलाज में देरी के कारण मनीषा की हालत लगातार बिगड़ती गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मौत के बाद करने लगे रेफर मनीषा के मरने के बाद स्टाफ उसे रेफर करने लगा, जबकि मनीषा की जान जा चुकी थी। मनीषा की मौत के बाद परिवार के लोग भड़क गए। परिवार ने जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच चल रही है। डॉक्टर बोले- 45 मिनट तक दिया CPR LNJP अस्पताल के डॉक्टर जयंत कुमार ने परिवार के आरोपों को खारिज किया। कहा कि अस्पताल पहुंचते ही मेडिकल टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। उसे बचाने के लिए लगातार करीब 45 मिनट तक CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दिया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।



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