पानीपत के गांव डिडवाड़ी स्थित कौशिक टेक्सटाइल में मंगलवार (28 अप्रैल) को हुई भीषण आगजनी की घटना ने अब एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। गुरुवार को इंडस्ट्री के मालिक ऋषि कौशिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आग कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। कौशिक ने गांव के ही एक व्यक्ति पर अपनी जमीन हथियाने के चक्कर में इंडस्ट्री को आग के हवाले करने का सीधा आरोप लगाया है। जमीन और रास्ते को लेकर चल रहा था विवाद प्रेसवार्ता के दौरान ऋषि कौशिक ने बताया कि वह गांव डिडवाड़ी में साल 2008 से अपनी टेक्सटाइल इंडस्ट्री चला रहे हैं। उनके अनुसार, इंडस्ट्री के ठीक पीछे गांव के ही रहने वाले कृष्ण के खेत हैं, जो हरियाणा रोडवेज से बतौर ड्राइवर रिटायर हुए हैं। ऋषि का आरोप है कि पिछले काफी समय से कृष्ण उनकी इंडस्ट्री के बीचों-बीच से अपने खेतों के लिए जबरन रास्ता मांग रहे हैं। कौशिक ने दावा किया कि जिस जमीन को कृष्ण रास्ता बनाने के लिए मांग रहे हैं, उसकी बाजार कीमत करीब 85 लाख रुपए से अधिक है। आरोपी चाहता है कि यह बेशकीमती जमीन उसे मुफ्त में रास्ते के तौर पर दे दी जाए। ऋषि कौशिक ने कहा कि वे अपनी निजी संपत्ति को इस तरह मुफ्त में देने के लिए तैयार नहीं हैं, जिसके कारण आरोपी उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहा है। हथकंडे अपनाने और धमकी देने के आरोप इंडस्ट्री मालिक ने खुलासा किया कि रास्ता न देने पर कृष्ण पिछले एक साल से उनके वर्करों को धमका रहा है। इतना ही नहीं, वह इंडस्ट्री को बंद करवाने के लिए विभिन्न विभागों में बार-बार शिकायतें दर्ज करवाता है। ऋषि कौशिक के अनुसार, शिकायत मिलने पर कई विभागों की टीमें इंडस्ट्री में रेड (छापामारी) कर चुकी हैं, लेकिन हर बार विभाग की ओर से उन्हें क्लीन चिट मिली है क्योंकि उनकी इंडस्ट्री पूरी तरह वैध है। ऋषि ने स्पष्ट किया कि कृष्ण के खेतों में आने-जाने का रास्ता वर्तमान में काफी घूमकर है। अपनी सुविधा के लिए वह सीधा रास्ता हथियाना चाहता है और इसी जोर-जबरदस्ती के चलते उसने 28 अप्रैल को जानबूझकर इंडस्ट्री में आग लगा दी। सबूतों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज आगजनी की इस घटना में इंडस्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा है। ऋषि कौशिक ने बताया कि उन्होंने इस पूरी साजिश और आरोपी कृष्ण के खिलाफ समालखा थाना में लिखित शिकायत दे दी है। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि आग लगाई गई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर उनके नुकसान की भरपाई करवाई जाए। गांव में बढ़ा तनाव इस खुलासे के बाद गांव डिडवाड़ी में औद्योगिक इकाइयों और ग्रामीणों के बीच जमीन विवाद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी या वाकई इसे जानबूझकर लगाया गया था।
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