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नूंह मंडी में रिश्वत लेते सुपरवाइजर गिरफ्तार, सचिव फरार:बचने के लिए पहली मंजिल से लगा दी थी छलांग, घूस की रकम बरामद नहीं




हरियाणा के नूंह जिले की मंडी में बुधवार शाम विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार की शिकायत पर छापा मारा। टीम ने लाइसेंस जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में मंडी सुपरवाइजर वेदपाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मंडी सचिव मनोज कुमार टीम को देखकर मौके से फरार हो गया। यह कार्रवाई गांव सालाहेड़ी निवासी जैद पुत्र जुम्मे खान की शिकायत पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि लाइसेंस बनाने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। बाद में सचिव के कहने पर 15,600 रुपये मंडी सुपरवाइजर वेदपाल को दिए गए। यह पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार की निगरानी में की गई। फरार मंडी सचिव मनोज कुमार की तलाश में विजिलेंस टीम लगातार छापेमारी कर रही है। सचिव की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और उसके खिलाफ कई आरोप सामने आए हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए पहली मंजिल से लगा दी छलांग गिरफ्तारी से बचने के लिए सुपरवाइजर वेदपाल ने पहली मंजिल से छलांग लगा दी। विजिलेंस टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। हालांकि, छापेमारी के दौरान रिश्वत की रकम बरामद नहीं हो सकी है। इससे मामले की जांच और गहन हो गई है। आढ़तियो से वसूली, गेटपास जारी करने में गड़बड़ी का आरोप सचिव पर गेट पास जारी करने में गड़बड़ी, आढ़तियों से अवैध वसूली, मजदूरों के हक का पैसा दबाने और उनके खाने-पीने का सामान बिना भुगतान के उठाने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। यह भी सामने आया है कि आरोपी सुपरवाइजर वेदपाल पहले भी भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुका है और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। दोबारा रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। छापेमारी के दौरान सचिव अपनी गाड़ी मौके पर छोड़कर फरार हो गया। विजिलेंस टीम ने गाड़ी का लॉक तोड़कर तलाशी ली, लेकिन उसमें नकदी नहीं मिली। फिलहाल गाड़ी को कब्जे में ले लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।



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