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पानीपत अस्पताल से गायब हुई नाबालिग गर्भवती मिली:घर से किया गया रेस्क्यू; पड़ोसी युवक पर नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म का आरोप




पानीपत में सिविल अस्पताल से रहस्यमय तरीके से गायब हुई नाबालिग गर्भवती को आखिरकार पुलिस ने तलाश लिया। किशोरी को उसके घर से ही रेस्क्यू किया गया। इसके बाद परिवार वालों को पुलिस थाने ले कर पहुंची। जहां लड़की और उसकी मां के बयान दर्ज किए गए। पुलिस आज गुरुवार को पीड़िता को सिविल अस्पताल लेकर जाएगी। जहां पहले उसकी मेडिकल जांच करवाई जाएगी। इसके बाद CWC के सामने किशोरी के बयान दर्ज करवाए जाएंगे। वहीं, इस मामले में किशोरी को तलाश करवाने की मुख्य सूत्रधार रहीं नारी तू नारायणी उत्थान समिति अध्यक्ष सविता आर्या ने बताया कि उनकी लड़की की मां से फोन पर बातचीत हुई है। जिन्होंने बताया कि वे बुधवार को वे सिविल अस्पताल में पुलिस का 4 घंटे तक इंतजार करने के बाद वहां से वापस घर लौट आए थे। फिर रात को 8 बजे के बाद पुलिस को फोन आया और उन्हें थाने बुलाया गया। रात 9 बजे तहसील कैंप थाना गए थे। जहां उनके बयान लिए गए हैं। आज फिर से पुलिस ने बुलाया है। नशीला पदार्थ पिलाकर किया गया दुष्कर्म पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पीड़िता ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे जबरन अपने कमरे पर ले गया था। वहां आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ पिलाया और बेसुध होने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बताया कि वह आरोपी को पहले से नहीं जानती थी। इस घृणित कृत्य के कारण वह 3 माह की गर्भवती हो गई। फिलहाल आरोपी युवक पुलिस को भनक लगते ही फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। अस्पताल से गायब होने पर मचा था हड़कंप यह मामला तब तूल पकड़ा जब बुधवार (29 अप्रैल 2026) सुबह पीड़िता को उसकी मां गर्भपात और इलाज के लिए अस्पताल लेकर आई थी। अस्पताल प्रशासन ने दुष्कर्म की पुष्टि होने पर पुलिस को सूचित किया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद पीड़िता और उसकी मां वहां से लापता हो गए। नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या जब अस्पताल पहुंचीं, तो उन्हें वहां कोई नहीं मिला। पुलिस ने भी उस समय पीड़िता के बारे में जानकारी होने से इनकार कर दिया था, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। सविता आर्या ने SP को लिखी थी चिट्ठी इस घटनाक्रम के बाद NGO अध्यक्ष सविता आर्या ने पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने अंदेशा जताया था कि आरोपी पक्ष द्वारा सबूत मिटाने या पीड़िता को धमकाने के उद्देश्य से गायब किया गया है। उन्होंने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के बावजूद यदि एक नाबालिग को सुरक्षा न मिले, तो यह चिंताजनक है। पुलिस की आगामी कार्रवाई किशोरी के मिल जाने के बाद अब पुलिस का पूरा ध्यान आरोपी की गिरफ्तारी पर है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट और बयानों के आधार पर केस को मजबूत किया जा रहा है। फरार आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाने का दावा किया गया है।



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