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जान को खतरा बताकर हाईकोर्ट पहुंचे अमनदीप मुल्तानी:20 दिन में कार्रवाई के निर्देश,याचिका में बढ़ रही गैगवार का जिक्र,सभी मामलो में हो चुका बरी




पंजाब में बढ़ती गैंगवार के बीच अमनदीप मुल्तानी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुल्तानी, जो कभी लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के करीबी रहे हैं, ने याचिका दायर कर सुरक्षा की मांग की है। याचिका में मुल्तानी ने दावा किया है कि उसे विरोधी गैंगस्टर लक्की पटियाल और डोनी बल के गुट से गंभीर खतरा है। उसने अदालत को बताया कि उसे लगातार फोन पर धमकियां मिल रही हैं, जिससे उसकी जान को जोखिम है। सभी मामलो में हो चुका बरी याचिका में अमनदीप मुल्तानी ने अपने पिछले जीवन और वर्तमान स्थिति का विस्तार से जिक्र किया है। उसने बताया कि छात्र जीवन के दौरान उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से हुआ था। उसी समय वह उनके संपर्क में आया, जिसके चलते उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज किए गए। हालांकि, मुल्तानी का कहना है कि बाद में अदालत में सुनवाई के दौरान वह सभी मामलों में बरी हो चुका है और वर्तमान में उसके खिलाफ कोई लंबित केस नहीं है। मुल्तानी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह लंबे समय तक अमेरिका में रहा, जहां उसने अपने जीवन को सामान्य बनाने की कोशिश की। इस वर्ष वह भारत लौटा है और अब वह सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया है। वर्तमान में वह एनएसयूआइ से जुड़ा हुआ है और संगठन में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभा रहा है। उसने अदालत को बताया कि वह अब पूरी तरह से वैध और सार्वजनिक जीवन जी रहा है, लेकिन उसके पुराने संबंधों और पंजाब में बढ़ रही गैंगवार की घटनाओं के कारण उसे लगातार खतरा महसूस हो रहा है। इसी आधार पर उसने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में बढ़ रही गैगवार का जिक्र याचिका में अमनदीप मुल्तानी ने पंजाब में लगातार बढ़ रही गैंगवार की घटनाओं को अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। उसने अदालत को बताया कि हाल के समय में राज्य में गैंगस्टरों के बीच टकराव तेजी से बढ़ा है, जिसके चलते कई सनसनीखेज हत्याएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बना दिया है और आम लोगों के साथ-साथ पुराने आपराधिक संपर्क रखने वाले व्यक्तियों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। मुल्तानी ने कहा कि उसका अतीत, जब वह लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के संपर्क में था, आज उसके लिए परेशानी का कारण बन गया है। भले ही अब वह उन गतिविधियों से पूरी तरह दूर हो चुका है और वैध जीवन जी रहा है, लेकिन विरोधी गैंग उसे अभी भी उसी नजर से देखते हैं। उसने अदालत को यह भी बताया कि मौजूदा हालात में गैंगस्टर आपसी रंजिश के चलते एक-दूसरे के करीबियों और पूर्व सहयोगियों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में उसके पुराने संबंध उसे सीधे खतरे में डालते हैं। मुल्तानी का कहना है कि उसे फोन पर धमकियां भी मिल रही हैं, जिससे यह साफ होता है कि खतरा केवल आशंका नहीं बल्कि वास्तविक है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उसने अदालत से गुहार लगाई कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, क्योंकि राज्य में बिगड़ते हालात और उसका पिछला जुड़ाव उसकी जान के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहा है। 20 दिन में कार्रवाई के निर्देश मामले की सुनवाई के बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए विस्तृत निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि अमनदीप मुल्तानी द्वारा जताए गए खतरे को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए पंजाब पुलिस के एडीजीपी (सिक्योरिटी) को इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी मुल्तानी की सुरक्षा मांग पर खतरे का विस्तृत और निष्पक्ष आकलन (थ्रेट असेसमेंट) करें। इस आकलन के दौरान उसके पुराने आपराधिक संबंध, वर्तमान गतिविधियां, हालिया धमकियां और पंजाब में चल रही गैंगवार की स्थिति जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए। इसके लिए एडीजीपी (सिक्योरिटी) को 20 दिनों का समय दिया गया है, जिसके अंदर उन्हें पूरे मामले की जांच कर अंतिम फैसला लेना होगा। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि मुल्तानी को वास्तविक और गंभीर खतरा है, तो उसे तुरंत उचित सुरक्षा प्रदान की जाए। यह सुरक्षा उसकी जरूरत और खतरे के स्तर के अनुसार तय की जाएगी, ताकि उसकी जान-माल की रक्षा सुनिश्चित हो सके।



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