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पठानकोट में भारी बारिश से रानीपुर ढिंगा का सूआ टूटा:कई एकड़ फसलें और पोल्ट्रीफॉर्म जलमग्न, किसानों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप




जिला पठानकोट के हल्का सुजानपुर के गांव रानीपुर ढिंगा में बीती रात हुई पहली मानसूनी बारिश के कारण जुगियाल हेडवर्क्स से निकलने वाला एक सूआ टूट गया। सूआ टूटने से भारी मात्रा में पानी आसपास के खेतों और पोल्ट्री फार्मों में घुस गया, जिससे कई एकड़ फसलें जलमग्न हो गईं और पोल्ट्री मालिक को और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। लाखों रुपए के नुक्सान की आशंका प्रभावित किसान मक्खन सिंह और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मानसून की पहली ही बारिश में खेतों में पानी भरने से उनकी कड़ी मेहनत और लागत से तैयार की गई फसलें बर्बाद हो गईं। खेतों के साथ-साथ कई पोल्ट्री फार्म भी पानी में डूब गए हैं, जिससे किसानों और व्यवसायियों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।
गांव के वार्ड नंबर-3 के पंचायत सदस्य सुखविंदर सिंह ने इस घटना के लिए विभागीय लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष सूए का निर्माण कार्य हुआ था, लेकिन विभाग ने ग्रामीणों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया।
निकासी के लिए पाइपें डालने की रखी थी मांग
सुखविंदर सिंह के अनुसार, ग्रामीणों ने संबंधित विभाग को कई बार लिखित आवेदन देकर पानी की निकासी के लिए पाइपें डालने की मांग की थी। हालांकि, अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण मांग को नजरअंदाज कर दिया। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित प्रबंध किए गए होते तो आज किसानों को इतना बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ता।
पंचायत सदस्य सुखविंदर सिंह ने यह भी बताया कि अभी तक रंजीत सागर बांध या मुख्य दरिया का पानी भी इस सूए में नहीं छोड़ा गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि यदि पहली ही बारिश में यह स्थिति बन गई है, तो पूरी बरसात के दौरान गांव और किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ग्रामीणों ने सरकार से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।



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