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राजपुरा फायरिंग के दो शूटर मुठभेड़ में गिरफ्तार, एक घायल:गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों गैंग से जुड़े हैं दोनों बदमाश, चुनाव के पहले दहशत फैलाने की थी साजिश




पटियाला पुलिस को राजपुरा स्थित लक्ष्मी प्रॉपर्टी कार्यालय पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संक्षिप्त मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद वारदात को अंजाम देने वाले दो कथित शूटरों को धर दबोचा है। क्रॉस-फायरिंग के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पुलिस ने घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। इसके साथ ही पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि इस गैंग के मुख्य सरगनाओं और इस नेटवर्क के पीछे छिपे सफेदपोश चेहरों का जल्द ही पर्दाफाश कर दिया जाएगा। बीड़ के जंगलों के पास हुई मुठभेड़, कपूरथला के रहने वाले हैं शूटर पुलिस के अनुसार सीआईए (CIA) स्टाफ पटियाला व सीआईए स्टाफ समाना की संयुक्त टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में इस गुप्त ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पटियाला-संगरूर बाईपास स्थित जंगली बीड़ के पास घेरा, जहाँ आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। गिरफ्तार किए गए शूटरों की पहचान परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और जसकरण सिंह के रूप में हुई है। यह दोनों मूल रूप से जिला कपूरथला के गांव हमीरा के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया पर ‘राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों गैंग’ ने ली थी जिम्मेदारी गौरतलब है कि कुछ दिन पहले राजपुरा के लक्ष्मी प्रॉपर्टी कार्यालय पर दहशत फैलाने के मकसद से फायरिंग की गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हुई। इस पोस्ट में ‘राणा ढिल्लों और गोल्डी ढिल्लों गैंग’ का नाम लेकर फायरिंग की सीधी जिम्मेदारी ली गई थी, जिसके बाद पुलिस महकमा तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया था। वायरल पोस्ट में ‘आप’ विधायक और उनके परिवार को दी गई थी धमकी वायरल हुई इस कथित फेसबुक/सोशल मीडिया पोस्ट में राजपुरा की आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक नीना मित्तल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए थे। पोस्ट में आरोप था कि विधायक लोगों की संपत्तियों पर अवैध कब्जे करवा रही हैं। इसके साथ ही विधायक, उनके परिवार और क्षेत्र के कुछ नामी मेडिकल स्टोर संचालकों को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकियां दी गई थीं। पोस्ट के अंत में “वेट एंड वॉच” (Wait and Watch) लिखकर कई अन्य गैंग्स के हैशटैग भी इस्तेमाल किए गए थे। चुनाव से पहले दहशत फैलाने की थी साजिश पटियाला पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर किए गए दावों और गैंग के इनपुट की गहनता से वैज्ञानिक जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि इस तरह की अंधाधुंध फायरिंग और धमकियों के जरिए चुनावों से ठीक पहले पूरे क्षेत्र में दहशत और खौफ का माहौल बनाने की गहरी साजिश रची जा रही थी।



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