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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु का रविवार तड़के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वे 59 वर्ष के थे। उनके परिवार में पत्नी समता सिंधु, पुत्र समृद्ध और पुत्री समृद्धि हैं। उनका पार्थिव शरीर रविवार सुबह उनके पैतृक गांव मसूदपुर पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। दोपहर बाद उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। जाब विश्वविद्यालय से हासिल की एलएलबी की डिग्री जस्टिस सिंधु का जन्म 4 अप्रैल 1967 को गांव मसूदपुर के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त की। वर्ष 1992 में उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। दीवानी, आपराधिक, संवैधानिक और सेवा संबंधी मामलों में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। उन्होंने भारत सरकार, हरियाणा सरकार, पंजाब सरकार और कई सरकारी संस्थानों के अधिवक्ता के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। 2017 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने 10 जुलाई 2017 को वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने। 3 दिसंबर 2018 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। अपनी निष्पक्षता, गहन कानूनी समझ और सरल स्वभाव के कारण वे न्यायिक जगत में अत्यंत सम्मानित थे। जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु कुल 5 भाई-बहन थे। उनके भाई ईश्वर सिंह भारतीय सेना में थे, जिनका कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका है। दूसरे भाई महेंद्र सिंह विदेश में रहते हैं, जबकि छोटे भाई सतबीर सिंह गांव में खेती-बाड़ी करते हैं। उनकी बहन संतोष देवी का विवाह हिसार जिले के बालक गांव में हुआ है। पैतृक गांव से रहा गहरा जुड़ाव व्यस्त न्यायिक जीवन के बावजूद उनका अपने पैतृक गांव से गहरा जुड़ाव रहा। वे समय-समय पर गांव आते थे और शिक्षा व सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान देते थे। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर वरिष्ठ न्यायाधीश बनने तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उनके निधन को न्यायपालिका और हरियाणा के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ जस्टिस सिंधु का निधन:गुरुग्राम में ली अंतिम सांस, 59 साल के थे; हांसी के पैतृक गांव पहुंचा पार्थिव शरीर







