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पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिलसिलेवार आईईडी विस्फोट करने की बड़ी आतंकी साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आरोपी शुभम के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर जसबीर सिंह उर्फ जसवीर चौधरी के निर्देशों पर काम कर रहा था। साजिश को अंजाम देने के लिए भारत-पाक सीमा पर ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की बड़ी खेप मंगाई गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, विदेशी आतंकी नेटवर्क के इशारे पर भारत में बड़े पैमाने पर विस्फोट कर दहशत फैलाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने एनआईए अधिनियम, 2008 की धारा 6(5) और 8 के तहत जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी थी। अब एनआईए इस आतंकी नेटवर्क, उसके विदेशी संपर्कों और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाएगी। पाकिस्तान नागरिक रच रहा था साजिश पुलिस और एनआईए जांच में सामने आया है कि पूरी साजिश पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटिव जसवीर चौधरी के इशारे पर रची गई थी। उसके भारतीय सहयोगियों ने भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए ड्रोन से हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की खेप हासिल की। इसके बाद देश के अलग-अलग राज्यों में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की तैयारी थी। कहां दर्ज हुई थी FIR इस मामले में 10 फरवरी 2026 को पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC), अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई थी। शुरुआती जांच में मिले इनपुट के आधार पर बाद में यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। किन धाराओं के तहत कार्रवाई आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनआईए की चार्जशीट में आरोपी पर आतंकी साजिश रचने, विस्फोटक और अवैध हथियार जुटाने तथा देश की सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। NIA को क्यों मिली जांच जांच में विदेशी आतंकी संगठनों और पाकिस्तान स्थित नेटवर्क की संलिप्तता के संकेत मिलने के बाद केंद्र सरकार ने मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए जांच एनआईए को सौंप दी। एनआईए अधिनियम, 2008 की धारा 6(5) और 8 के तहत एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली। अब एनआईए यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे, ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की सप्लाई चेन क्या थी और देश में किन स्थानों को निशाना बनाने की योजना थी। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती है।
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