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पंजाब-चंडीगढ़ में 6 दिन भारी बारिश का अलर्ट:मानसून की एंट्री से गर्मी से मिली राहत; टेंपरेचर में 3.3 डिग्री तक गिरावट




पंजाब और चंडीगढ़ में आखिर मानसून की एंट्री होते ही लोगों को तपती गर्मी से राहत मिल गई है। कई जिलों में भारी बारिश हुई। आज (2 जुलाई) से अगले 6 दिन पूरे राज्य में कई स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से जारी किया गया है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किमी/घंटा रहेगी। पिछले कल की तुलना में अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, अब यह सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान 41.5 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया है। जबकि चंडीगढ़ का तापमान 5.8 डिग्री की गिरावट के बाद 29.7 डिग्री दर्ज किया गया है। मानसून के असर से गुरुवार को पंजाब के 18 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है, जबकि 14 जिलों के लिए तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से 5 जिलों में भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। इस तरह की मौसम की स्थिति बनी मौसम विभाग के अनुसार, 1 जुलाई को मानसून पंजाब के और इलाकों में पहुंच गया है। इससे राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही पंजाब के ऊपर हवा में एक चक्रवाती सिस्टम (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। वहीं, उत्तर भारत की ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) भी सक्रिय हो गया है। इसके अलावा पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मानसून की ट्रफ लाइन भी बनी हुई है। 25 साल में सबसे पहले मानसून 2008 में आया था साल 2026 में मानसून ने 1 जुलाई को पंजाब और चंडीगढ़, दोनों में दस्तक दी। यह पिछले साल के मुकाबले पंजाब में 9 दिन और चंडीगढ़ में 7 दिन देरी से पहुंचा। पिछले 25 वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार, पंजाब में सबसे जल्दी मानसून 13 जून 2008 को पहुंचा था, जबकि सबसे ज्यादा देरी 2002 में हुई, जब पूरे राज्य में मानसून 15 अगस्त तक फैल पाया। आमतौर पर 2001 से 2026 के बीच मानसून ने पंजाब में जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह के बीच दस्तक दी है। हालांकि, 2020 और 2025 में मानसून जून में ही पूरे पंजाब और चंडीगढ़ को कवर कर चुका था, जबकि 2021 और 2023 में पूरे पंजाब तक पहुंचने में करीब एक महीना लग गया। कई बार चंडीगढ़ में मानसून पहले पूरी तरह पहुंच गया, जबकि पंजाब के बाकी हिस्सों में कुछ दिन बाद फैला। वहीं, मानसून की विदाई ज्यादातर सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में हुई, जिससे राज्य में इसका असर करीब तीन महीने तक बना रहा। मानसून की धीमी शुरुआत पंजाब में मानसून की शुरुआत फिलहाल धीमी रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जुलाई को पूरे राज्य में औसतन 1.2 मिमी बारिश हुई, जबकि इस दिन सामान्य तौर पर 3.6 मिमी बारिश होती है। यानी पहले ही दिन 66% कम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 60.4 मिमी बारिश पठानकोट में हुई, जबकि गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर और रूपनगर में हल्की बारिश हुई। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला समेत ज्यादातर जिलों में बारिश नहीं हुई। वहीं, 1 जून से 1 जुलाई तक पूरे पंजाब में 30.8 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 58.1 मिमी होनी चाहिए थी। यानी राज्य में अब तक 47% कम बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश पठानकोट में सामान्य से 52% अधिक, तरनतारन में 41% अधिक और अमृतसर में 14% अधिक दर्ज की गई। दूसरी ओर बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर और मोहाली जैसे जिलों में सामान्य से 79% से 91% तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब में मानसून की गतिविधि कमजोर रही, हालांकि कुछ इलाकों में गरज-चमक, बिजली और हल्की से मध्यम, कहीं-कहीं भारी बारिश हुई। तीन दिन ऐसे रहेगा मौसम 3 जुलाई – पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर (रोपड़), पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलेंगी। जबकि गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना और संगरूर में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, इन जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। 4 जुलाई – पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर (रोपड़), पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली), गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना और संगरूर में गरज-चमक, बिजली गिरने और आंधी का अलर्ट है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गुरदासपुर, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, लुधियाना, मानसा और संगरूर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जबकि अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा और बरनाला में इक्का-दुक्का स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 5 जुलाई – सभी जिलों में बारिश की संभावना है। जबकि पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर (शहीद भगत सिंह नगर), फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर (रोपड़), मोहाली, पटियाला, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना और संगरूर में गरज-चमक, बिजली गिरने और आंधी का अलर्ट है।



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