नूंह जिले के मेवली गांव में शनिवार दोपहर करीब एक बजे भीषण आग लग गई। इस आग में लगभग एक दर्जन कच्चे मकान, भूसा घर और लकड़ियों के ढेर जलकर राख हो गए। घटना से 10 से 12 परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। तेज हवाओं के कारण आग की लपटें कुछ ही मिनटों में एक घर से दूसरे घर तक पहुंच गईं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता के कारण वे सफल नहीं हो सके। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां सूचना मिलते ही फार ब्रिगेड सक्रिय हुआ। नूंह, तावडू और पुन्हाना से फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने लगभग तीन से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के अन्य घरों को भी खतरा था, जिसे समय रहते टाल दिया गया। इस आगजनी में ग्रामीणों का काफी सामान जलकर राख हो गया, जिसमें ईंधन के लिए रखी लकड़ियां, भूसे के बोंगे, उपलों के बिटोड़े और घरेलू सामान शामिल हैं। कई परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। बड़ा हादसा टला : फायर स्टेशन अधिकारी फायर स्टेशन अधिकारी अभिमन्यु शर्मा ने बताया कि आग भीषण थी, लेकिन दमकल कर्मियों की तत्परता और बेहतर समन्वय से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और अधिक हो सकता था। घटना के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रभावित परिवार अब राहत और पुनर्वास की उम्मीद कर रहे हैं।
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