झज्जर जिले की छारा अनाज मंडी में गेहूं उठान नहीं होने से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मंडी में समय पर गेहूं का उठान न होने से आढ़तियों और किसानों में भारी रोष है। परेशान आढ़तियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द उठान शुरू नहीं कराया गया तो वे सामूहिक आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। इसको लेकर आढ़तियों ने झज्जर लघु सचिवालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आढ़ती बोले- 30 लाख रुपए से अधिक का गेहूं खराब हो चुका आढ़तियों का कहना है कि मंडी में लंबे समय से गेहूं की फसल खुले में पड़ी है। हाल ही में हुई बारिश के कारण करीब 30 लाख रुपए से अधिक का गेहूं खराब हो चुका है, जिससे व्यापारियों और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अगर बारिश फिर आई तो आढ़तियों को लाखों का नुकसान होगा। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मांग- फसल का भुगतान समय पर हो मंडी व्यापारी नरेंद्र सहित अन्य ने आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही सरकार का कोई प्रतिनिधि मंडी के हालात जानने आया। इससे व्यापारियों और किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। आढ़तियों ने मांग की है कि मंडी से तुरंत गेहूं उठान कराया जाए और किसानों को उनकी फसल का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
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झज्जर में गेहूं उठान देरी से आढ़तियों में रोष:सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी दी; 30 लाख के गेहूं खराब का दावा
