झज्जर हरियाणा के झज्जर की अनाज मंडी में बारिश ने बड़ा नुकसान कर दिया। खुले में पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया, जिससे किसान और आढ़ती दोनों परेशान नजर आए। इस घटना ने एक बार फिर मंडी व्यवस्था और सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले में पड़ा गेहूं बना परेशानी की वजह मंडी में पर्याप्त शेड और इंतजाम न होने के कारण गेहूं खुले में पड़ा रहा। बारिश होते ही फसल भीग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर उठान (लिफ्टिंग) नहीं होने से मंडी में अनाज का ढेर लग गया है। गेट पास सिस्टम बना बड़ी बाधा आढ़तियों ने गेट पास सिस्टम को सबसे बड़ी समस्या बताया। उनका कहना है कि समय पर गेट पास नहीं मिलने से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे न केवल गेहूं की बिक्री में देरी हो रही है, बल्कि मंडी में अव्यवस्था भी बढ़ रही है। पोर्टल सिस्टम पर उठे सवाल झज्जर अनाज मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान हरेन्द्र सिलाना ने सरकार के पोर्टल सिस्टम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले लैपटॉप और स्क्रीन के जरिए काम होता था, लेकिन अब इसे सीमित कर मोबाइल तक कर दिया गया है, जिससे काम की गति और पारदर्शिता दोनों प्रभावित हो रही हैं। “सरकार और इन्द्रदेव दोनों रूठे” हरेन्द्र सिलाना ने तंज कसते हुए कहा कि “सरकार और इन्द्रदेव दोनों ही रूठे हुए हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री और अधिकारी केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। इस पूरे मामले ने साफ कर दिया है कि अगर मंडी में समय रहते उचित प्रबंधन, तकनीकी सुधार और प्रशासनिक सक्रियता नहीं लाई गई, तो किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
Source link
झज्जर अनाज मंडी में बारिश से भीगा हजारों क्विंटल गेहूं:गेट पास में देरी बढ़ी समस्या; पूर्व प्रधान बोले—सरकार और इन्द्रदेव दोनों रूठे
