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पंजाब में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को मोहाली, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और चंडीगढ़ में तेज बारिश हुई, जबकि पठानकोट, फरीदकोट में सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आज राज्य के 10 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। लगातार बदलते मौसम के चलते तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, राहत की बात यह है कि प्रदेश के प्रमुख डैमों का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। 10 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी मौसम विभाग ने 10 जिलों में सुबह साढ़े दस बजे तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक इस दौरान पातड़ां, समाना, पटियाला, राजपुरा और डेराबस्सी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं लहरा, सुनाम, संगरूर, मूनक, पातड़ां, समाना, पटियाला, नाभा, राजपुरा, डेराबस्सी, फतेहगढ़ साहिब, अमलोह, मोहाली, चंडीगढ़, खरड़, खमाणों, चमकौर साहिब, रूपनगर, बलाचौर, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर और नंगल में मध्यम बारिश, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना लहरा, सुनाम, संगरूर, धूरी, मालेरकोटला, मूनक, पातड़ां, समाना, नाभा, फतेहगढ़ साहिब, अमलोह, बस्सी पठाना, खन्ना, पायल, खमाणों, लुधियाना (पूर्वी और पश्चिमी), समराला, रायकोट, जगराओं, फिल्लौर, नकोदर, फगवाड़ा, जालंधर-1, जालंधर-2, बलाचौर, नवांशहर, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, नंगल, होशियारपुर और दसूआ में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। पठानकोट में 35 मिमी बारिश दर्ज 3 अगस्त सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे तक सबसे अधिक बारिश पठानकोट में 35 मिमी दर्ज की गई। अमृतसर में 32.2 मिमी और पठानकोट के एक अन्य क्षेत्र में 31 मिमी वर्षा हुई। वहीं, रूपनगर के भाखड़ा डैम क्षेत्र में 24.5 मिमी, होशियारपुर में 24 मिमी, कपूरथला में 23.5 मिमी, आनंदपुर साहिब में 20.5 मिमी और लुधियाना में 16 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बिजली की मांग घटी बारिश के चलते पंजाब में बिजली व्यवस्था फिलहाल सामान्य बनी हुई है। राज्य में इस समय बिजली की मांग 12,702 मेगावाट है। बिजलीघरों से 4,278 मेगावाट उत्पादन हो रहा है। शेष जरूरत दूसरे राज्यों और केंद्रीय ग्रिड से पूरी की जा रही है। पंजाब को 8,153 मेगावाट बिजली मिलने का शेड्यूल था, लेकिन राज्य ने 8,424 मेगावाट बिजली ली, जो तय मात्रा से 271 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति सुचारु है और सिस्टम पर किसी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं है। डैमों का जलस्तर बढ़ा, खतरे से अभी दूर भाखड़ा और पोंग डैम में जलस्तर बढ़ रहा है, क्योंकि इनसे छोड़े जा रहे पानी की तुलना में अधिक पानी की आवक हो रही है। इसके बावजूद डैम खतरे के निशान से नीचे हैं। भाखड़ा डैम का जलस्तर 1603.87 फीट है, जो खतरे के निशान 1680 फीट से 76.13 फीट नीचे है। वहीं, पोंग डैम का जलस्तर 1342.35 फीट दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 1390 फीट से 47.65 फीट कम है। फिलहाल दोनों डैम सुरक्षित स्थिति में हैं। हालांकि, अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश जारी रहने पर इनके जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।
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