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रोहतक में किसान मजदूर विरोधी कदमों व बिजली को कॉर्पोरेट के हवाले करने के आरोप पर किसान मजदूर संगठनों ने मीटिंग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही 10 अगस्त को मानसरोवर पार्क से जिले भर के किसान व मजदूर देशव्यापी जेल भरो आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया। प्रदर्शन से पूर्व किसान सभा के जिला प्रधान सुनील ने कहा कि भाजपा शासित केंद्र सरकार राष्ट्रीय और विदेशी, दोनों ही बड़े कॉर्पोरेट के लाभ के लिए नीतियां अपनाकर देश को गहरे आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संकट की और धकेल रही है। सरकार ने 21 नवंबर 2025 को चार लेबर कोड अधिसूचित किए और 8 व 9 मई 2026 को नियम अधिसूचित किए। सुनील ने कहा कि इसका उद्देश्य यूनियनों को कमजोर बनाना है, जिससे ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण और मान्यता कठिन हो जाएगी, जबकि पंजीकरण और मान्यता रद्द करना आसान हो जाएगा। श्रम कानूनों के अनुसार, यूनियनों और उनके नेताओं को अपराधी घोषित किया जाएगा, जबकि मालिकों को अपराध मुक्त कर दिया जाएगा। ‘वीबी जी राम जी’ योजना का विरोध सीटू नेता सतबीर सिंह ने कहा कि मांग आधारित रोजगार के अधिकार, मनरेगा को समाप्त करने और उसके स्थान पर केंद्र नियंत्रित योजना ‘वीबी जी राम जी’ लागू करने के विरोध में किसान मजदूर संगठन आंदोलन कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में बरौनी से शुरू होकर पानीपत, मानेसर, सूरत, नोएडा, भिवाड़ी, नीमराना, फरीदाबाद, पीथमपुरा में फैलने वाला निश्चित अवधि और संविदा श्रमिकों का संघर्ष एक चेतावनी है। ट्रेड डील का किसान कर रहे विरोध भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार अमेरिका, यूरोपीय संघ और कुछ अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों की ओर बढ़ रही है, जो कृषि क्षेत्र और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए हानिकारक हैं। निश्चित रूप से यह देश के किसानों, छोटे व्यवसायों, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला के लिए विनाश का रास्ता तैयार करेगा। बेरोजगारी अभूतपूर्व स्तर पर है।
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