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चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में 4 जुलाई को हुए भवन हादसे की जांच पूरी हो गई है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीआर) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने रिपोर्ट चंडीगढ़ प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इमारत गिरने की मुख्य वजह सामने की भार सहने वाली (लोड बेयरिंग) दीवार को हटाना रही। दीवार के हटने से इमारत का संतुलन बिगड़ गया, जिसके बाद फर्श और छत के हिस्से एक के बाद एक गिरते चले गए। इस हादसे में तरुण कौशिक और तरुण जैन मलबे में दब गए थे, जिनकी मौत हो गई थी। हादसे में कई अन्य लोग भी घायल हुए थे। अब पढ़ें जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया:- प्रशासन तय करेगा जिम्मेदारी NITTTR की तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। प्रशासन रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन करेगा और पता लगाएगा कि हादसे के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि भवन में निर्माण के दौरान या बाद में किसी ने नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया। इसके अलावा प्रशासन यह भी जांच करेगा कि भवन मालिक, निर्माण से जुड़े लोगों और संबंधित विभागों ने अपने स्तर पर कोई लापरवाही तो नहीं बरती। यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी ने नियमों की अनदेखी की या उसकी लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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