चंडीगढ़ में क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपए की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का चंडीगढ़ पुलिस के साइबर क्राइम थाने ने पर्दाफाश किया है। मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड और फर्जी कॉल सेंटर संचालक अजय सिंह उर्फ अजय सिंह मान और दिल्ली के उत्तम नगर से 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक अधिकारी बनकर लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देती थीं और ओटीपी, सीवीवी सहित गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लाखों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम देती थीं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं। को दिल्ली के बुराड़ी से गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियों के अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। वे क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या कार्ड अपग्रेड करने का झांसा देकर ओटीपी, सीवीवी और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद पीड़ितों के खातों और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपये के अनधिकृत ट्रांजेक्शन कर दिए जाते थे। अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड अधिकारी बनकर फोन किया पुलिस के अनुसार 26 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता सेक्टर-45 का रहने वाला है। शिकायत में बताया गया कि उसे एक महिला ने खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड की अधिकारी बताकर फोन किया। उसने एसबीआई क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और कार्ड अपग्रेड करने का झांसा दिया। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक फर्जी गूगल फॉर्म और ऑनलाइन लिंक भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने लिंक पर क्लिक किया, उसके एसबीआई क्रेडिट कार्ड से करीब 1.73 लाख रुपये के अनधिकृत ट्रांजेक्शन कर दिए गए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। दिल्ली में मिला फर्जी कॉल सेंटर जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दिल्ली में एक फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। इसके बाद 7 जनवरी 2026 को पुलिस ने वहां छापा मारकर किराये के मकान से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं अमेरिकन एक्सप्रेस के अधिकारी बनकर लोगों को फोन करती थीं और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर उनसे ठगी करती थीं। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को हरिद्वार से सह-आरोपी सुशील कौशिक को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह गिरोह के लिए फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था। इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में भेजा जाता था। बुराड़ी से पकड़ा मास्टरमाइंड पुलिस ने 29 जुलाई 2026 को गिरोह के सरगना और कॉल सेंटर संचालक अजय सिंह उर्फ अजय सिंह मान को दिल्ली के बुराड़ी से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने ग्राहकों का डाटा जुटाने, फर्जी बैंक खाते, सिम कार्ड और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल संसाधनों की व्यवस्था करने की बात स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह का संचालन वही करता था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया है। इस दौरान साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि इस गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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