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गर्मी और उमस के बीच चंडीगढ़ में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को शहर की पीक बिजली डिमांड 461 मेगावाट दर्ज की गई, जो इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक मांग है। यह आंकड़ा पिछले साल के 465 मेगावाट के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गया है। बढ़ती खपत के बीच शहर के कई इलाकों से बिजली कट और बार-बार सप्लाई बाधित होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। लगातार बढ़ते तापमान और एसी, कूलर व अन्य बिजली उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल से बिजली की खपत में तेजी आई है। यदि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ती है तो इस साल बिजली की मांग पिछले साल का रिकॉर्ड भी तोड़ सकती है। शहरवासियों का कहना है कि दिन और रात में कई बार बिजली जाने से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को हो रही है। अचानक बिजली गुल होने से पंखे, कूलर और एसी बंद हो जाते हैं। कई जगहों पर पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है, जबकि दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के काम पर भी असर पड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए वितरण नेटवर्क को और मजबूत किया जाए, ताकि पीक लोड के दौरान भी निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके। वहीं, चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) का कहना है कि बढ़ती मांग के बावजूद बिजली आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए पूरे सिस्टम की लगातार निगरानी की जा रही है। ट्रांसफॉर्मर, फीडर और अन्य वितरण संसाधनों के रखरखाव के साथ तकनीकी खराबी आने पर तुरंत समाधान के लिए टीमें तैनात की गई हैं।
पिछले पांच वर्षों में चंडीगढ़ की पीक बिजली मांग में 80 मेगावाट से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते तापमान और एयर कंडीशनर के बढ़ते उपयोग के कारण आने वाले वर्षों में बिजली की मांग में और इजाफा हो सकता है।
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चंडीगढ़ में गर्मी ने बढ़ाई बिजली की खपत:461 मेगावाट पहुंची पीक डिमांड, कई इलाकों में बिजली कट से लोग परेशान







