चंडीगढ़ शहर में पीने के पानी में सीवरेज की मिलावट की समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। निगम की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया है, जो अगले 45 दिनों में पूरे सिस्टम का ऑडिट करेगी। कमेटी उन इलाकों की पहचान करेगी, जहां पीने के पानी में गंदगी या सीवरेज की मिलावट हो रही है। इसके बाद वहां की खराब और टूटी हुई सीवरेज लाइनों को ठीक किया जाएगा, ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। यह मुद्दा एडवाइजर एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में उठाया गया था। सांसद मनीष तिवारी ने बैठक में इस समस्या पर चिंता जताई थी और इसे जल्द हल करने की जरूरत बताई थी। नीड बेस्ड चेंज की हो समीक्षा मनीष तिवारी ने बैठक के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि साल 2014 से 2026 तक लोगों द्वारा जरूरत के हिसाब से किए गए बदलावों की पूरी समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने अपने परिवार की जरूरतों को देखते हुए घरों में बदलाव किए हैं, ऐसे में इन मामलों को सख्ती के बजाय मानवीय आधार पर देखा जाना चाहिए। सांसद ने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों में बदलाव जरूरी परिस्थितियों में किए गए हैं, उन्हें राहत देने पर विचार किया जाए, ताकि लोगों को बेवजह परेशानी का सामना न करना पड़े। बिजली के बिलों पर चिंता बैठक में सांसद ने सीपीडीएल द्वारा भेजे जा रहे बिजली बिलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई इलाकों से बढ़े हुए बिलों की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे लोग परेशान हैं। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शिकायतों की जांच की जाए और जहां भी गलती हो, उसे तुरंत ठीक किया जाए। साथ ही सोलर पैनलों की इंस्टॉलेशन से जुड़ी समस्याओं पर भी ध्यान देने को कहा गया।
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