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कुरुक्षेत्र जिले के मीरी-पीरी मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर शाहाबाद के प्रबंधन को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई बढ़ती जा रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) इस संस्थान के संचालन और कानूनी अधिकार को लेकर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। उधर, इन दोनों कमेटी की लड़ाई के बीच अस्पताल के स्टाफ के लिए राहत की खबर आई है। मीरी-पीरी ट्रस्ट (SGPC) ने अस्पताल के स्टाफ की एक महीने की सैलरी जारी करने का फैसला लिया है। ट्रस्ट का दावा है कि कल 7 अगस्त तक सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में सैलरी पहुंच जाएगी। ट्रस्ट की बोर्ड बैठक में फैसला जानकारी के मुताबिक, अमृतसर में ट्रस्ट के चेयरमैन हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में बोर्ड की मीटिंग हुई थी। इसमें स्टाफ की एक माह की सैलरी तुरंत जारी करने की बात रखी गई। विचार-विमर्श के बाद 7 अगस्त तक सैलरी डालने पर फैसला हो गया। अस्पताल के CEO डॉ. संदीप इंद्र सिंह चीमा इस बात को सही बताया। ट्रस्ट करेगी सेवा संभाल यह बात भी सामने आई है कि मीरी-पीरी ट्रस्ट पहले की तरह संस्थान का संचालन करता रहेगा। शनिवार यानी 8 अगस्त को ट्रस्ट के चेयरमैन हरजिंदर सिंह धामी और बोर्ड के अन्य मेंबर संस्थान आएंगे। साथ ही संस्थान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। मई में HSGMC के पक्ष में फैसला आया 12 मई को हाईकोर्ट ने स्टे देने से इनकार करते हुए HSGMC के पक्ष में फैसला दिया था। लेकिन करीब ढाई महीने बाद डबल बेंच ने डॉक्टर बोर्ड पर पहले से जारी स्टे को आगे भी जारी रखने के आदेश दिए हैं। बताते चलें कि जिस बोर्ड पर स्टे हुआ, उसे साल 2024 में HSGMC के तत्कालीन प्रधान ने बनाया था। अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई होगी। 27 को लिया अपने हाथ में संचालन HSGMC ने 27 जुलाई को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में संस्थान का आधिकारिक रूप से टेकओवर किया था। उसी दिन शाम हाईकोर्ट की डबल बेंच ने वर्ष 2024 में गठित डॉक्टर बोर्ड पर पहले से जारी स्टे को जारी रखने के आदेश दिए। इससे दोनों कमेटी के बीच फिर से कानूनी विवाद बढ़ गया। हालांकि इससे पहले 20 मार्च को दोनों कमेटी के अधिकारियों में झड़प हुई थी। HSGMC को संचालन का अधिकार नहीं SGPC और मीरी-पीरी ट्रस्ट के वकील लवलेश मेहता का कहना है कि हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अगली सुनवाई तक HSGMC कानूनी रूप से अस्पताल का संचालन नहीं कर सकती है। SGPC की ओर से HSGMC को कानूनी नोटिस भी भेजा गया है। बोर्ड को खत्म कर चुकी HSGMC- दादूवाल HSGMC के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि जिस डॉक्टरों के बोर्ड पर हाईकोर्ट का स्टे आया और ट्रस्ट को राहत मिली है, उस बोर्ड को HSGMC पहले ही खत्म कर चुकी है। डॉक्टरों के बोर्ड के विवाद की आड़ में SGPC इस संस्थान पर अपना कंट्रोल रखना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट भी संस्थान का संचालन HSGMC को सौंपने का आदेश दे चुका है। साथ ही स्टाफ की सैलरी डालकर SGPC और ट्रस्ट ने कोई एहसान नहीं किया है। ये सैलरी उनको ही देनी थी, क्योंकि HSGMC के पास 27 जुलाई को संस्थान का कंट्रोल आया है।
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