कुरुक्षेत्र जिले के इस्माइलाबाद में डंपर ड्राइवर को रंजिश मारी गई गोली जिंदगी भर उसके शरीर में ही रहेगी। गोली लगने से घायल खेड़ी शहीदां निवासी 27 वर्षीय गुलशन उर्फ गुल्लू का पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि उसकी रीढ़ में फंसी गोली निकालना जोखिम भरा है। फिलहाल गोली को शरीर के अंदर ही रहने दिया जाएगा। गुलशन ने बताया कि डॉक्टरों ने पहले ऑपरेशन की संभावना पर विचार किया था, लेकिन जांच के बाद उसे गोली निकालने से मना कर दिया। गोली रीढ़ की हड्डी के बेहद संवेदनशील हिस्से में फंसी हुई है। ऑपरेशन के दौरान किसी नस को नुकसान पहुंचने का खतरा है। शरीर में ही रहेगी गोली अगर कोई नस को नुकसान हुआ तो शरीर का कोई हिस्सा काम करना बंद कर सकता है। लकवे की स्थिति से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। अभी गोली जिस जगह पर फंसी है, उससे कोई तत्काल खतरा नहीं है। इसी कारण डॉक्टरों ने उसे निकालने का जोखिम लेने के बजाय शरीर में ही रहने देने का फैसला किया है। बर्गर खाने रुका था गुलशन गुलशन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बुधवार शाम वह डंपर लेकर इस्माइलाबाद बस अड्डे के पास पहुंचा था। उसने डंपर रोका और एक रेहड़ी पर बर्गर खाने चला गया। इसी दौरान इस्माइलाबाद निवासी मनिंद्र सिंह अपने मामा उल्फत सिंह और एक अन्य साथी के साथ कार में वहां पहुंच गया। आते ही झगड़ा किया शुरू आते ही मनिंद्र सिंह ने उससे बहस शुरू कर दी। उसके हाथ में देसी पिस्तौल थी। दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर हाथापाई हो गई। उसने मनिंद्र सिंह के हाथ में पिस्तौल देखी तो वह डर गया और जान बचाने के लिए बस अड्डे से पिहोवा रोड की तरफ भागने लगा। दौड़ा-दौड़ा कर मारी गोली
मनिंद्र सिंह और उसका साथी उसके पीछे दौड़ पड़े। मनिंद्र का मामा उल्फत सिंह कार में पीछे-पीछे चल रहा था। उल्फत सिंह लगातार मनिंद्र को गोली मारने के लिए उकसा रहा था। इसी दौरान मनिंद्र सिंह ने उस पर दो फायर किए। एक गोली उसकी पीठ के बाईं तरफ लगी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। PGI चंडीगढ़ किया रेफर घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल को पिहोवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। 6 महीने पुरानी रंजिश में मारी गोली गुलशन ने बताया कि करीब छह महीने पहले उसके दोस्त आदिल खान और मनिंद्र सिंह के बीच झगड़ा हुआ था। उस मामले में उसके और उसके दोस्तों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ था। फिलहाल वे सभी जमानत पर हैं। उसी पुराने विवाद की रंजिश मनिंद्र सिंह और उसके मामा उल्फत सिंह के मन में थी। इसी रंजिश के चलते उस पर हमला किया गया। मामा-भांजे समेत 3 पर केस शिकायत पर थाना इस्माइलाबाद में मामा-भांजे समेत तीन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोपियों की धरपकड़ के लिए सीआईए और थाना पुलिस की टीमें काम कर रही हैं। अभी तक आराेपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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