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फरीदाबाद में सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव पर निगाहें:फाइनेंस कमेटी के गठन पर मेयर ने जताई खुशी, बोली-बड़े प्रोजेक्ट पर तेजी से काम होगा




फरीदाबाद नगर निगम में 14 महीने का बाद फाइनेंस कमेटी का गठन सरकार के हस्तक्षेप के बाद हो गया है। अब सभी की निगाहें सीनियर डिप्टी मेयर के पद पर टिकी हैं, जिसकी घोषणा सरकार कभी भी कर सकती है। मेयर ने कहा कि सरकार जिस दिन चुनाव कराएगी उसकी दिन चुनाव हो जायेंगे। नगर निगम मेयर ने कमेटी के बन जाने से विकास कार्यों को तेजी मिलेगी। कौन-कौन शामिल होंगे इस कमेटी में फाइनेंस कमेटी में निगम मेयर प्रवीण बत्रा, कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा, दोनों नामित पार्षद शामिल होंगे। फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी नगर निगम के विकास कार्यों, ठेकों और खरीद से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जुलाई 2025 में सरकार द्वारा 10 करोड़ रुपए तक के विकास कार्यों की प्रशासनिक और रेट अप्रूवल की शक्तियां इसी कमेटी को सौंपी गई थी अब सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव पर निगाहे निगम में सीनियर-डिप्टी मेयर के चुनाव राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है। अभी तक दो बार चुनाव कराने की कोशिश की गई है, लेकिन दोनों बार राजनीतिक खींचतान और आपसी गुटबाजी को लेकर लेकर चुनाव बेनतीजा रहे है। अब सबकी की निगाहें सरकार के फैसले पर टिकी हुई है। 1 साल में दो बार कमेटी और चुनाव का प्रयास नगर निगम फरीदाबाद में 46 पार्षदों और मेयर पद के लिए 5 मार्च को मतदान किया गया था। 12 मार्च को परिणाम घोषित होने के बाद 25 मार्च को बीजेपी के विनर कंडीडेट प्रवीण बतरा जोशी ने जीतकर आये पार्षदों के साथ पंचकुला में शपथ ली थी। जिसके बाद दो बार सीनियर-डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर डेट निधार्रित की गई । लेकिन दोनों बार में चुनाव नही हो पाया। पार्षद चुनाव के बाद चयन को लेकर 11 अगस्त 2025 को बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पवार पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया था। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और विधायक मूलचंद शर्मा, सतीश फागना, धनेश अदलखा मौजूद थे, लेकिन सदन की बैठक में नगर निगम मेयर प्रवीण जोशी, मंत्री विपुल गोयल, मंत्री राजेश नागर नहीं पहुंची। वे पार्टी द्वारा चुनाव के लिए बनाए गए पर्यवेक्षक कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पवार के साथ सेक्टर-15 स्थित भाजपा कार्यालय अटल कमल में बैठक में व्यस्त रहीं। जिसकी वजह से बैठक को स्थगित कर दिया गया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को खाली हाथ लौटना पड़ा अप्रैल 2026 में प्रदेश सरकार की ओर से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली को सभी पार्षदों को एकमत करने के लिए भेजा गया। लेकिन उस बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री के समर्थकों ने बायकाट कर दिया। जिससे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस दौरान बड़ौली के साथ बैठक में 33 पार्षद मौजूद रहे। लेकिन सीनियर-डिप्टी मेयर के चुनाव के नाम पर कई सहमति नही बन सकी।



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