हिसार के गांव कनोह में एक किसान की 2.5 एकड़ खड़ी गेहूं की फसल में आग लगने से भारी नुकसान हो गया। आगजनी की इस घटना में पकी-पकाई पूरी फसल जलकर राख हो गई, जिससे किसान को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही अखिल भारतीय किसान सभा और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन की उकलाना और बरवाला तहसील कमेटियों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और प्रभावित किसान प्रदीप बूरा के खेत का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। नेताओं ने पीड़ित किसान को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह नुकसान केवल एक किसान का नहीं, बल्कि पूरे किसान वर्ग की चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित किसान को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। किसान संगठनों की प्रमुख मांगें प्रभावित किसान को प्रति एकड़ कम से कम ₹50 हजार की दर से मुआवजा दिया जाए। आगजनी से होने वाले फसल नुकसान पर 100 प्रतिशत मुआवजे का स्थायी प्रावधान किया जाए। सभी प्रभावित खेतों की गिरदावरी 24 घंटे के भीतर करवाई जाए। प्रशासन ने शीघ्र राहत देने की मांग इस दौरान किसान संगठनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र राहत नहीं दी, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 20 अप्रैल को सुबह 10 बजे संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर उकलाना और बरवाला में मार्केट कमेटी कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद तहसीलदार उकलाना और एसडीएम बरवाला को ज्ञापन सौंपकर फसल नुकसान की भरपाई की मांग उठाई जाएगी। ये पदाधिकारी रहे मौजूद प्रतिनिधिमंडल में किसान सभा के राज्य नेता दिनेश सिवाच, जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया, उकलाना तहसील प्रधान मास्टर फूल सिंह, बरवाला तहसील सचिव सत्यवान रेड्डू, खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव रोहतास राजली, जिला प्रधान मियां सिंह बिठमड़ा, संयुक्त सचिव मोहनलाल राजली, दयानंद ढुकिया, बलबीर नंबरदार पाबड़ा, रमेश पूनिया, पोला ढाका, इंद्र सिंह, रमेश कंडूल, सतपाल खैरी, जितेंद्र बूरा, सुखदेव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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उकलाना में 2.5 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख:किसान संगठनों ने किया दौरा; बोले-जल्द मुआवजा दिया जाए, आंदोलन की चेतावनी
