रेवाड़ी शहर में लगातार दूसरी बरसात में जलभराव देखने को मिला। प्रशासन के पानी निकासी के पुख्ता दावे बरसाती पानी के साथ सड़कों और बाजारों में हिलौरे मारते नजर आए। रेलवे रोड पर दुकानदारों ने अवरोधक लगाकर दोनों तरफ से बंद करना पड़ा। महाराणा चौक के पास बावल रोड पर यात्रियों को लेकर जा रहा एक ऑटो पानी के बीच में फंस गया। हुडा सेक्टरों से लेकर शहर के मुख्य बाजार, सरकुलर रोड, ब्रॉस मार्केट, मॉडल टाउन जैसे पॉश इलाकों से बाहरी कॉलोनियों तक जलभराव की स्थिति देखने को मिली। पैदल यात्रियों को पानी से गुजरना पड़ा आलम यह था कि निकासी के लिए बनाया सिस्टम करीब आधे घंटे की बारिश भी नहीं झेल पाया। जिससे पानी से लबालब हुई सड़कों को छोड़कर वाहन चालक इधर-उधर से निकलने के रास्ते तलाशते नजर आए। पैदल यात्रियों को पानी से गुजरने के लिए विवश होना पड़ा। शहर में हर तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा था। हालांकि इसकी झलक पिछले सप्ताह हुई मामूली मानसून की पहली बरसात में देखने को मिल चुकी थी। जिसकी पूरी पिक्चर मंगलवार को सामने आई। जानिए क्या उठाए थे कदम जिला उपायुक्त ने मानसून की बरसात शुरू होने से पहले नोडल अधिकारी नियुक्त किए थे। एक सेक्टर अपने पास रखकर एक एडीसी को सौंपा था। जिला नगर आयुक्त, सीटीएम और बावल, कोसली और रेवाड़ी के एसडीएम को भी नोडल अधिकारी नियुक्त कर अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी थी। डीसी ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर उन्हें आंवटित क्षेत्र के नालों और सीवर की सफाई का निरीक्षण कर 30 जून तक अपनी रिपोर्ट डीसी कार्यालय में समिट करने के निर्देश दिए थे।नोडल अधिकारी नियुक्त करने के बाद सभी अधिकारी फील्ड में निरीक्षण के लिए उतरे। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। प्रशासन की यह पूरी कवायद एक बार फिर कागजी साबित हुई। स्पेशल नोडल अधिकारी भी शहर को जलभराव से राहत नहीं दिलवा पाए। हर साल की तरह इस बार भी शहर की गलियों, सड़कों और बाजारों में बरसाती पानी हिलौरे मारता नजर आया। फोटो से जानिए शहर के हालात…
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