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जब हरियाणा ही खुशहाल नहीं, तो पंजाब को कैसे करेंगे:रोहतक में BKU अध्यक्ष बोले-भाजपा प्रदेशाध्यक्ष MSP की 24 फसलों के नाम गिनवा दें




रोहतक में भारतीय किसान यूनियन (नैन) की राज्य स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर रोष प्रकट किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ राष्ट्र स्तर पर आगामी आंदोलन की घोषणा भी की। भारतीय किसान यूनियन (नैन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जोगेंद्र नैन ने कहा कि भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता 24 फसलों पर एमएसपी देने की बात कर रही है। किसान चैलेंज देते हैं कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा में होने वाली 24 फसलों के नाम गिनवा दें। जो फसल हरियाणा में पैदा ही नहीं होती, उन फसलों को सरकार कहां से खरीदेगी। किसानों को फसलों पर नहीं मिल रहा एमएसपी जोगेंद्र नैन ने कहा कि भाजपा जूट, नारियल, रबड़ का नाम लेती है। साथ ही उन फसल व सब्जियों की बात करती है, जो हरियाणा में पैदा ही नहीं होती। जबकि किसानों को धान, कपास, गन्ना व गेंहू पर एमएसपी नहीं दे रही। सीएम नायब सैनी का हरियाणा के किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हरियाणा ही खुशहाल नहीं, पंजाब को कैसे करेंगे जोगेंद्र नैन ने कहा कि हरियाणा के सीएम नायब सैनी रोजाना पगड़ी बांधकर पंजाब में पहुंच जाते हैं। सीएम सैनी पंजाब जाकर भाषण दे रहे हैं कि पंजाब में हरियाणा जैसा माहौल बना देंगे। हरियाणा में तो कहीं खुशहाली नहीं है, फिर पंजाब को कैसे खुशहाल बनाएंगे। हरियाणा के किसान पानी के लिए तरस रहे जोगेंद्र नैन ने कहा कि हरियाणा का किसान पानी के लिए तरस रहा है। सीएम नायब सैनी ने पीएम नरेंद्र मोदी के दबाव में आकर राजस्थान को पानी देने की बात की है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। वहीं हरियाणा के चैनत गांव को भी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। किसान मंत्री श्रुति चौधरी से पूछना चाहते है कि भाखड़ा के पानी को यमुना के क्षेत्र में क्यों पहुंचाया जा रहा है। भाजपा सांसदों को दिए जाएंगे ज्ञापन जोगेंद्र नैन ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में 22 से 24 जुलाई तक भाजपा के सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों को ज्ञापन दिया जाएगा। 28-29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोर स्टेडियम में ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन होगा। साथ ही 10 अगस्त को ट्रेड डील के विरोध में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। किसानों को 2-2 महीने तक नहीं मिली पेमेंट जोगेंद्र नैन ने कहा कि सरकार किसानों को फसल का भुगतान 24 घंटे में होने का दावा करती है, लेकिन किसानों को 2-2 माह तक पेमेंट नहीं मिलती। सरकार ने खरीद के नए नियम लागू किए, जिससे किसान परेशान हुआ। लंबी-लंबी ट्रालियों की लाइन लगी। सरकार बताए कि नए नियमों से क्या फायदा हुआ। चैनत गांव के लोगों से सरकार ने किया धोखा भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान रणधीर सिंह ने चैनत गांव को लेकर कहा कि सरकार ने उन लोगों के साथ धोखा कर रही है। चैनत के ग्रामीणों को भारतीय किसान यूनियन ने समर्थन दिया है। आज हरियाणा के 70 प्रतिशत गांवों में पीने का पानी नहीं है। नहरों को पक्का करने के कारण उनके साथ लगे हैंडपंप भी खत्म हो गए हैं, जिससे किसान परेशान हैं।



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