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प्रदेश में 20 वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे अतिथि अध्यापकों के समर्थन में पलवल जिले की विभिन्न पालों की सरदारी, किसान यूनियन, पूर्व सैनिक एसोसिएशन और बुजुर्ग महिला कल्याण मोर्चा के सदस्य खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के निवास पर पहुंचे। उन्होंने अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग बुलंद की। मंत्री के निवास पर पहुंचकर इन संगठनों ने विकास कार्यों की प्रशंसा करते हुए नारेबाजी भी की। इस अवसर पर पंडित तोता राम ने बताया कि जब अतिथि अध्यापकों को नियुक्त किया गया था, तब स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी थी। उस समय बाईस हजार अतिथि अध्यापकों ने घर-घर जाकर सरकारी स्कूलों में दाखिले कराए और उनकी स्थिति में सुधार किया। ‘सभी गांवों से अतिथि अध्यापकों के शिक्षण की रिपोर्ट ली’ पूर्व सैनिक एसोसिएशन के गिर्राज फौजी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ लागू कर फौजियों की लंबित मांग पूरी की। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि अतिथि अध्यापकों को मिलने वाला वेतन फौजियों को मिलने वाली पेंशन का आधा है, जबकि उनका योगदान भी महत्वपूर्ण है। डागर पाल से सुशील डागर ने बताया कि उन्होंने सभी गांवों से अतिथि अध्यापकों के शिक्षण की रिपोर्ट ली है। रिपोर्ट के अनुसार, अतिथि अध्यापकों ने एक-तिहाई वेतन में भी अपने अध्यापक धर्म का पूरी निष्ठा से पालन किया है, जिससे उनका सामाजिक रुतबा बढ़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि अतिथि अध्यापकों को हमेशा यही जवाब मिलता रहा कि उनका मामला कोर्ट में विचाराधीन है। खेल मंत्री को सीएम के नाम सौंपा मांग पत्र उन्होंने कहा कि जब मीडिया के माध्यम से हरियाणा के करोड़ों लोगों को हाई कोर्ट द्वारा अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के आदेश का पता चला, तो अधिकतर जनता इस फैसले से बेहद खुश है। इस अवसर पर सतीश डागर मिड़कोला, कर्मवीर बाबूजी, तोताराम, प्रताप, तेजराम, दिलबाग और मनोहर सहित अन्य लोगों ने खेल मंत्री से हाई कोर्ट के फैसले को लागू कराने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ये लोग रहे मौजूद इस अवसर पर मुख्य रुप से रघु शास्त्री, रणबीर सिंह, महेंद्र देशवाल, गोपाल रावत, सतवीर सिंह, नरेंद्र सौरोत, पारस शर्मा सहित काफी संख्या में अतिथि अध्यापक मौजूद थे। इसकी अध्यक्षता चंद्रवीर कुंडु ने की, जबकि मंच संचालन महेंद्र देशवाल ने किया।
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अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग तेज:पलवल के पाल पंच, किसान और पूर्व सैनिक मंत्री से मिले, सीएम के नाम पत्र सौंपा







