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अंबाला में BJP मेयर प्रत्याशी ने किया नामांकन:पार्टी की पूर्व मेयर शैलजा सचदेवा ने बनाई दूरी; निर्दलीय सांसद कार्तिकेय साथ दिखे




अंबाला सिटी नगर निगम में BJP की मेयर प्रत्याशी अक्षिता सैनी ने शुक्रवार को नामांकन किया। उनके साथ कैबिनेट मंत्री अनिल विज, निर्दलीय राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा तो दिखे, लेकिन पार्टी की निवर्तमान मेयर शैलजा सचदेवा ने दूरी बनाकर रखी। अंबाला में मेयर सीट पिछड़ा वर्ग (BC-B) के लिए रिजर्व है। पिछले साल मेयर पद पर उप चुनाव कराने की नौबत आई थी। तब BJP की शैलजा संदीप सचदेवा ने कांग्रेस प्रत्याशी अमीषा चावला को हराया था। सचदेवा का कार्यक्रम करीब 10 महीने का रहा। पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी शक्ति रानी शर्मा के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद उपचुनाव की नौबत आई थी। नामांकन के वक्त कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा, पूर्व मंत्री असीम गोयल, अर्चना गुप्ता संजय शर्मा भी मौजूद रहे। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी पहुंचे। अंबाला सिटी में काफी संख्या में सिख वोटर हैं। 12वीं पास अक्षिता का यह पहला चुनाव 32 साल की अक्षिता 12वीं पास हैं। उनका यह पहला चुनाव है। अक्षिता के पति कुलदीप सैनी गुजरात के जामनगर में शिक्षक हैं। उनके पिता स्वर्ण सैनी लंबे समय से भाजपा से जुड़े हैं। उन्होंने अपनी पत्नी के लिए मेयर पद का टिकट मांगा था, लेकिन भाजपा ने बेटी को प्रत्याशी बनाया। दादा जनसंघ के टिकट पर चुनाव लड़ चुके अक्षिता के दादा वरियाम सिंह ने 1962 और 1967 में थानेसर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। तब वे जनसंघ के प्रत्याशी रहे थे। परिवार जनसंघ के वक्त से ही आरएसएस से जुड़ा रहा है। कांग्रेस के साथ सीधा मुकाबला अंबाला सिटी नगर निगम में भाजपा का मुकाबला कांग्रेस से है। कांग्रेस ने कुलविंद्र कौर सैनी को प्रत्याशी बनाया है। कुलविंद्र कौर ने गुरुवार को नामांकन किया। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा, अंबाला सांसद वरुण मुलाना पहुंचे थे। कुमारी सैलजा खेमे से जुड़े नेताओं की संख्या कम दिखी थी। पूर्व मंत्री विनोद शर्मा की हजपा इस बार खामोश अंबाला सिटी से 10 साल विधायक रहे पूर्व मंत्री विनोद शर्मा का शहर में अच्छा-खासा वोट बैंक माना जाता है। उनकी हरियाणा जनचेतना पार्टी (हजपा) से ही पत्नी शक्ति रानी शर्मा पिछले आम चुनाव में मेयर बनीं थी। तब हजपा ने BJP प्रत्याशी को हराया था। शक्तिरानी शर्मा अब कालका से भाजपा विधायक हैं, जबकि उनके बेटे कार्तिकेय शर्मा भाजपा के सहयोग से निर्दलीय राज्यसभा में पहुंचे थे। ऐसे में इस बार हजपा अभी खामोश है।



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