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हरियाणा कांग्रेस कमेटी द्वारा सोनीपत नगर निगम पार्षद उम्मीदवारों की घोषणा के बाद पार्टी में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। वीरवार को 22 वार्ड में से 18 वार्डों के उम्मीदवारों की सूची जारी होते ही कई नेताओं की नाराजगी फूट पड़ी। टिकट कटने से असंतोष इतना बढ़ गया कि कुछ नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए बगावती तेवर अपना लिए हैं। यह खींचतान अब सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक दिखाई देने लगी है, जिससे चुनाव से पहले कांग्रेस की स्थिति कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। जहां वार्ड-5 की दावेदारी करने वाली संतोष कादियान ने पार्टी छोड़ निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है और वहीं शैलजा गुट के सतबीर निर्माण ने भी कहा कि वह अपने बेटे को आजाद कैंडिडेट के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला शाम तक करेंगे। वहीं पूर्व डिप्टी मेयर मंजीत गहलावत की टिकट काटने के पीछे आरोप कमल दीवान पर लगाया है और कहा कि कमल दीवान के चुनाव न लड़ने की बात पर ही पूर्व विधायक के चेहते लोगों के नाम कटवाए गए हैं। हालांकि वीरवार को कमल दीवान और पूर्व विधायक सुरेन्द्र पंवार मीडिया के सामने सफाई दे चुके हैं कि सारी अफवाएं बीजेपी ने फैलाई हैं।
टिकट कटने से बढ़ी नाराजगी, संतोष कादियान ने छोड़ी पार्टी
इनेलो छोड़कर 2020 में कांग्रेस में शामिल हुई संतोष कादियान की वार्ड-5 से टिकट कटने के बाद उन्होंने खुलकर बगावत कर दी है। उन्होंने जिला अध्यक्ष, मेयर उम्मीदवार और पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। साथ ही उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला भी किया है। भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ने उन्हें भरोसा दिलाया था
संतोष कादियान ने बातचीत में बताया कि वार्ड-5 से उनकी टिकट को लेकर भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ने उन्हें भरोसा दिलाया था। उनका दावा है कि तीन दिन पहले तक उनकी टिकट लगभग तय थी और पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार ने भी उन्हें दस्तावेज और एनओसी लेने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा था।
उन्होंने बताया कि इसी भरोसे पर उन्होंने नगर निगम में करीब 1.70 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराकर एनओसी प्राप्त की। उनका कहना है कि अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं है और उनके साथ धोखा हुआ है। सोशल मीडिया पर बढ़ी जुबानी जंग
इतना ही नहीं कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब सोशल मीडिया ग्रुप्स तक पहुंच गई है। संतोष कादियान ने देर शाम एक मीडिया ग्रुप में पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार पर निशाना साधते हुए उन्हें “खलनायक” और “झूठा नायक” तक कह दिया।
इसके अलावा उन्होंने कमल दीवान की प्रेस कॉन्फ्रेंस वाली वीडियो पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए उन्हें “हारने वाला और बिकने वाला प्रत्याशी” बताया।
उनका आरोप है कि उनकी टिकट जानबूझकर कटवाई गई और उन्हें पूरी तरह से धोखे में रखा गया।
पूर्व डिप्टी मेयर सहित कई नेताओं की टिकट कटी
टिकट वितरण में कई बड़े नामों को भी झटका लगा है। पूर्व डिप्टी मेयर मनजीत गहलावत, वार्ड-16 से संजय टोंक और वार्ड-4 से पवन गर्ग की टिकट काट दी गई।
मनजीत गहलावत का कहना है कि उनकी टिकट पहले से तय थी और वे मजबूत उम्मीदवार थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिला अध्यक्ष कमल दीवान द्वारा टिकटों को लेकर विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि कमल दीवान के दबाव में टिकट काटी गई है।उन्होंने यह भी कहा कि कमल दीवान द्वारा मेयर चुनाव न लड़ने के फैसले के बाद पार्टी हाईकमान ने उनकी बात मान ली और उसी आधार पर टिकटों में बदलाव किया गया। सुरेंद्र पंवार गुट के नामों पर भी असर पूर्व डिप्टी मेयर मंजीत गहलावत ने कहा , पूर्व विधायक सुरेंद्र पवार द्वारा पार्षद उम्मीदवारों के लिए भेजे गए कई नामों को अंतिम सूची में जगह नहीं मिली। इससे उनके समर्थकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि कमल दीवान के विरोध के बाद शीर्ष नेतृत्व ने टिकट वितरण में बदलाव किया, जिसमें उनका नाम भी शामिल हैं। लेकिन पार्टी के आदेश के साथ एक साथ खड़े हैं। अनुशासनात्मक कार्रवाई और भीतरघात का असर पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उपचुनाव में भीतरघात करने वाले दो पार्षदों की टिकट अनुशासनात्मक समिति की रिपोर्ट के आधार पर काटी गई है। इससे प्रभावित नेता एक बार फिर बगावती रुख में नजर आ रहे हैं।यह निर्णय पार्टी के अंदर अनुशासन बनाए रखने के लिए लिया गया, लेकिन इससे असंतोष और बढ़ गया है।
सतबीर निर्माण की खुली बगावत
कांग्रेस में विरोध का सबसे बड़ा चेहरा जिला महामंत्री सतबीर निर्माण बनकर सामने आए हैं। शैलजा गुट से जुड़े सतबीर निर्माण अपने बेटे राहुल के लिए वार्ड-2 से टिकट मांग रहे थे, लेकिन टिकट न मिलने पर उन्होंने खुलकर विरोध किया।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कमल दीवान पर आरोप लगाए और दावा किया कि वे उन्हें 50 हजार से ज्यादा वोटों से हराएंगे। उन्होंने कहा कि कुमारी शैलजा से भी उनकी टिकट को लेकर बातचीत हुई थी और उन्हें भरोसा दिया गया था।
सतबीर निर्माण ने यह भी आरोप लगाया कि वार्ड-4 में जिस उम्मीदवार को टिकट दी गई, वह हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुआ है, जबकि वे लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं।
पार्टी का पक्ष: सर्वे के आधार पर दिए गए टिकट
वहीं जिला अध्यक्ष और मेयर प्रत्याशी कमल दीवान का कहना है कि टिकट वितरण पूरी तरह से ग्राउंड लेवल सर्वे और उम्मीदवारों की काबिलियत के आधार पर किया गया है।उन्होंने कहा कि पार्टी ने जिताऊ उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है और हाईकमान की कमेटी द्वारा ही अंतिम निर्णय लिया गया है।
चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए चुनौती
सोनीपत में कांग्रेस की यह अंदरूनी खींचतान चुनाव से पहले पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। टिकट कटने से नाराज नेता यदि निर्दलीय चुनाव लड़ते हैं या खुलकर विरोध करते हैं, तो इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है।
फिलहाल कांग्रेस में मची यह कलह यह संकेत दे रही है कि संगठन के भीतर एकजुटता की कमी चुनावी रणनीति पर भारी पड़ सकती है।
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सोनीपत कांग्रेस में पार्षद टिकट बंटवारे पर बवाल:सोशल मीडिया पर भी खुलकर सामने आई गुटबाजी; संतोष कादियान ने पार्टी छोड़ चुनाव की तैयारी की







