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यमुनानगर के सढौरा स्थित गांव कोटला में पशुबाड़े के भीतर सुबह चार बकरियां मृत पाई गई है। बकरियों के शव खून से लथपथ अवस्था में मिले और घटनास्थल के आसपास पंजों के निशान मिलने के बाद किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है। सभी बकिरयों के गर्दन पर वार किया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। हमले के पीछे तेंदुआ होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में वन विभाग से मामले की जांच कर जंगली क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। रात को बाड़ा बंद करके सोने चला गया था मालिक गांव निवासी मीरिया दीन ने बताया कि वह रात करीब 12 बजे अपने पशुबाड़े बकरियां बांधकर घर में सोने के लिए चला गया था। सुबह जब वह रोजाना की तरह पशुबाड़े में पहुंचा तो वहां बंधी चारों बकरियां मृत अवस्था में पड़ी थीं। बाड़े में खून बिखरा हुआ था और बकरियों के शरीर पर हमले के निशान दिखाई दे रहे थे। बकरियों की गर्दन पर गहने दांत के निशान थे। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने पशुबाड़े के आसपास पंजों के निशान मिलने का दावा किया, जिसके बाद किसी जंगली जानवर की मौजूदगी की चर्चा शुरू हो गई। पंजों को देखकर लोगों ने इस हमले के पीछे तेंदुआ होने की आशंका जताई है। क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग ग्रामीण फकीरिया दीन, श्याम सुंदर, बसंत राम, नूर हुसैन, न्याज मोहम्मद और रोशन दीन समेत अन्य लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मामले की जांच कराने तथा क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी जंगली जानवर की क्षेत्र में आवाजाही है तो उसे जल्द चिन्हित कर आवश्यक कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के मुंह खून लग गया है, ऐसे में वह फिर से गांव में आकर किसी को भी अपना शिकार बना सकता है। ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को इस बारे सूचित कर दिया गया है। फिलहाल ग्रामीणों में डर का माहौल है।
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यमुनानगर में बाडे में खून से लथपथ मिली बकरियां:तेंदुए के हमले की आशंका, गर्दन पर दांत और जमीन पर मिले पंजों की निशान







