रोहतक में छात्र नेताओं ने NTA द्वारा आयोजित UGC-NET-2026 जून परीक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों ने दावा किया कि 29 और 30 जून को आयोजित कुछ विषयों के कथित प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही एक संगठित नेटवर्क तक पहुंच चुके थे और देश के अलग-अलग राज्यों में कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्न पढ़ाए गए थे। छात्र नेता दीपक धनखड़ व अंकित सिंह फोगाट ने एक वीडियो जारी कर स्क्रीन पर कथित Sociology प्रश्नपत्र की सामग्री दिखाते हुए दावा किया कि अभ्यर्थियों को दो सेट पढ़ाए गए थे और उनमें से एक 100 प्रश्नों का सेट परीक्षा में आए प्रश्नों से मेल खाता है। उनके द्वारा सार्वजनिक की जा रही सामग्री का NTA के मूल प्रश्नपत्र से आधिकारिक मिलान और स्वतंत्र डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जाए। दावा- प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाने वाले लोग संपर्क में दीपक धनखड़ ने बताया कि सरकारी परीक्षाओं, UGC-NET, CSIR, HTET और ADA सहित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध कराने का दावा करने वाले कुछ लोग उनके संपर्क में हैं। इसके बाद कुछ साथियों ने इस कथित नेटवर्क की सच्चाई सामने लाने की योजना बनाई थी। गिरोह तक पहुंचे छात्र नेता छात्र नेता दीपक धनखड़ ने दावा किया कि उनकी मंशा पैसा कमाने या किसी अभ्यर्थी का पेपर करवाने की नहीं थी, बल्कि यह पता लगाना था कि कथित पेपर उपलब्ध कराने वाले लोग वास्तव में प्रश्नपत्र लेकर आते हैं या अभ्यर्थियों से ठगी करने वाला कोई गिरोह है। संबंधित विषयों के वास्तविक अभ्यर्थियों से इसलिए संपर्क किया ताकि परीक्षा के बाद पढ़ाए गए प्रश्नों और वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों का मिलान किया जा सके। जंतर मंतर पर मिले थे आरोपी दीपक धनखड़ ने बताया कि 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के आंदोलन के दौरान कथित पेपर उपलब्ध कराने वाले लोगों ने अगले दिन प्रश्नपत्र लेकर आने की बात कही थी। जिसके बाद संबंधित विषयों के अभ्यर्थियों से संपर्क किया गया। अगली रात उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली से जुड़े बताए जा रहे लगभग सात-आठ लोग पहुंचे, जिनके पास पेन ड्राइव में कथित प्रश्नपत्र था। 100 प्रतिशत मैच हुआ प्रश्न पत्र दीपक धनखड़ ने आरोप लगाया कि 28 और 29 जून की रात अभ्यर्थियों को पढ़ाए गए कुछ विषयों के प्रश्न वास्तविक परीक्षा से 100 प्रतिशत मैच हुए। उनके पास ऐसे अभ्यर्थियों की जानकारी मौजूद है, जिन्होंने परीक्षा केंद्र से बाहर आने के बाद बताया कि परीक्षा से पहले पढ़ाए गए दो सेटों में से एक 100 प्रश्नों का सेट वास्तविक परीक्षा में आया। बिहार-उत्तर प्रदेश, दिल्ली व राजस्थान में आरोपियों की टीम अंकित सिंह फोगाट ने आरोप लगाया कि नेटवर्क से जुड़े लोगों ने स्वयं बताया था कि उनकी अलग-अलग टीमें बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान सहित विभिन्न स्थानों पर अभ्यर्थियों को पेपर पढ़ा रही हैं। यदि इस दावे की पुष्टि होती है तो मामला किसी एक शहर या राज्य का नहीं बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय संगठित नेटवर्क का हो सकता है। 2.25 लाख रुपए में हुआ पेपर का सौदा छात्र नेता दीपक व अंकित ने बताया कि कथित नेटवर्क ने UGC-NET के बाद CSIR, हरियाणा में HTET, ADA और अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र एडवांस में उपलब्ध कराने की बात कही थी। अगला पेपर पढ़ाने के बदले प्रति अभ्यर्थी 2.25 लाख रुपए और अलग से खर्च मांगा गया। सीआईए ने परिवार के लोगों से की पूछताछ दीपक धनखड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस और CIA द्वारा उनके व कुछ साथियों के बारे में पूछताछ शुरू की गई। उनके तीन-चार साथियों के अलावा इस योजना की जानकारी परिवार के किसी सदस्य को नहीं थी। उनके सरकारी डॉक्टर भाई, फादर-इन-लॉ तथा अन्य रिश्तेदारों को इस पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी। परिवार के लोगों को पुलिस ने परेशान किया। फॉरेंसिक जांच करवाने की मांग दीपक धनखड़ ने सरकार और जांच एजेंसियों से मांग की कि कथित पेपर उपलब्ध कराने वाले लोगों के फोन रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन, भुगतान की चेन, पेन ड्राइव, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाए। साथ ही NTA के संबंधित सिस्टम के एक्सेस लॉग तत्काल सुरक्षित किए जाएं और जांच की जाए कि प्रश्नपत्र किस सिस्टम पर तैयार हुआ, किसने उसे एक्सेस किया, कब फाइल खोली गई व किसी बाहरी स्टोरेज डिवाइस का इस्तेमाल हुआ या नहीं।
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