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Sonipat NEET Re-Exam Center Confusion


सोनीपत6 घंटे पहले

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सोनीपत में मुरथल पीएम श्री स्कूल पर गलत सेंटर आने के बाद दूसरे सेंटर के लिए रवाना होती स्टूडेंट व अभिभावक। - Dainik Bhaskar

सोनीपत में मुरथल पीएम श्री स्कूल पर गलत सेंटर आने के बाद दूसरे सेंटर के लिए रवाना होती स्टूडेंट व अभिभावक।

सोनीपत में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) री-एग्जाम रविवार को जिले के 8 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक प्रबंध किए थे।

जिले में कुल 2570 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2310 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 260 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की गई। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 11 बजे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी और दोपहर 1:30 बजे तक अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया।

पीएम श्री स्कूल मुरथल अड्‌डा पर अपने रोल नंबर देखती स्टूडेंट्स।

पीएम श्री स्कूल मुरथल अड्‌डा पर अपने रोल नंबर देखती स्टूडेंट्स।

इसके बाद सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और तीन स्तरीय जांच प्रक्रिया के बीच परीक्षा तो शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों को सेंटर संबंधी भ्रम और देरी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। कई अभ्यर्थी अंतिम समय तक दौड़कर केंद्रों पर पहुंचते नजर आए, जबकि कुछ गलत केंद्र पर पहुंचने के कारण परीक्षा से वंचित रह गए।

सेंटर को लेकर भ्रम ने बढ़ाई परेशानी

सोनीपत शहर में पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल अड्डा और ताऊ देवीलाल महिला महाविद्यालय, मुरथल को अलग-अलग परीक्षा केंद्र बनाया गया था। दोनों केंद्र मुरथल नाम के कारण कई अभ्यर्थियों को भ्रम हो गया।

करीब 20 अभ्यर्थी पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल अड्डा में परीक्षा देने पहुंच गए, जबकि उनका वास्तविक केंद्र ताऊ देवीलाल महिला महाविद्यालय था। प्रवेश जांच के दौरान जब उनके दस्तावेजों की जांच की गई तो उन्हें बताया गया कि उनका परीक्षा केंद्र दूसरा है।

करीब 20 अभ्यर्थी पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल अड्डा में परीक्षा देने पहुंच गए, जबकि उनका वास्तविक केंद्र ताऊ देवीलाल महिला महाविद्यालय था।

करीब 20 अभ्यर्थी पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल अड्डा में परीक्षा देने पहुंच गए, जबकि उनका वास्तविक केंद्र ताऊ देवीलाल महिला महाविद्यालय था।

इसके बाद अभ्यर्थी जल्दबाजी में अपने निर्धारित केंद्र की ओर रवाना हुए। हालांकि दोनों केंद्रों के बीच पहुंचने में लगभग आधा घंटा लग रहा था। ऐसे में कई अभ्यर्थी समय रहते अपने केंद्र तक नहीं पहुंच सके और उनका एग्जाम छूट गया। प्रवेश बंद होने से लगभग 10 मिनट पहले तक भी कुछ अभ्यर्थी गलत केंद्र पर पहुंच रहे थे।

आखिरी मिनट तक दौड़ते रहे अभ्यर्थी

परीक्षा केंद्रों पर दोपहर 1:30 बजे तक प्रवेश का समय निर्धारित था। कई अभ्यर्थी अंतिम समय तक दौड़कर केंद्रों तक पहुंचते नजर आए। कुछ विद्यार्थी तो आखिरी तीन मिनट में भागते हुए गेट तक पहुंचे और समय रहते अंदर प्रवेश पाने में सफल रहे। वहीं कुछ विद्यार्थी निर्धारित समय बीत जाने के बाद पहुंचे और उन्हें केंद्र के बाहर ही रुकना पड़ा।

गलत केंद्र पर पहुंचने वाले कुछ अभ्यर्थी जब बाहर निकले और उन्हें दूसरे केंद्र जाने की जानकारी मिली तो वे घबरा गए। कुछ छात्राएं और अभ्यर्थी भावुक होकर रोने भी लगे, लेकिन समय कम होने और दूरी अधिक होने के कारण वे दूसरे केंद्र तक नहीं पहुंच सके।

एग्जाम सेंटर के बाहर कान की बाली निकालते हुए अभिभावक।

एग्जाम सेंटर के बाहर कान की बाली निकालते हुए अभिभावक।

गेट बंद होने के बाद भी पहुंचे कई अभ्यर्थी

पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मुरथल अड्डा में दोपहर 1:30 बजे गेट बंद कर दिया गया था। इसके बाद भी करीब 4 से 5 विद्यार्थी वहां पहुंचे। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि वे रास्ते में जाम में फंस गए थे, जबकि कुछ ने अन्य कारणों से देरी होने की बात कही।

केंद्र के बाहर पहुंचे अभ्यर्थी सुरक्षा कर्मियों से लगातार अनुरोध करते रहे कि उन्हें प्रवेश दे दिया जाए। कुछ विद्यार्थी तो गेट के नीचे से आवाज लगाकर अधिकारियों से गेट खोलने की गुहार करते नजर आए, लेकिन परीक्षा के नियमों के चलते किसी को भी निर्धारित समय के बाद प्रवेश नहीं दिया गया।

कुछ अभ्यर्थी तो गेट के नीचे से आवाज लगाकर अधिकारियों से गेट खोलने की गुहार करते नजर आए, लेकिन परीक्षा के नियमों के चलते किसी को भी निर्धारित समय के बाद प्रवेश नहीं दिया गया।

कुछ अभ्यर्थी तो गेट के नीचे से आवाज लगाकर अधिकारियों से गेट खोलने की गुहार करते नजर आए, लेकिन परीक्षा के नियमों के चलते किसी को भी निर्धारित समय के बाद प्रवेश नहीं दिया गया।

एंट्री से पहले हुई कड़ी जांच

सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की कई चरणों में जांच की गई। सबसे पहले प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की जांच की गई। इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। अंतिम चरण में शारीरिक जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि किसी अभ्यर्थी के पास कोई प्रतिबंधित वस्तु, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य सामग्री न हो।

जांच के दौरान अभ्यर्थियों के गले और हाथों में बंधे डोरे उतरवाए गए। कई छात्राएं नोज पिन, बालियां और अन्य छोटे आभूषण पहनकर पहुंची थीं। कुछ छात्राएं बालियां निकालना भी भूल गई थीं। ऐसे में उन्हें प्रवेश से पहले आभूषण हटाने पड़े। कई छात्राओं को बालियां निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

एग्जाम सेंटर पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई

एग्जाम सेंटर पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई

पुलिस ने की अभ्यर्थियों की मदद

परीक्षा के दौरान हरियाणा पुलिस का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला। कई अभ्यर्थी अपने रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और लोकेशन को लेकर असमंजस में थे। ऐसे अभ्यर्थियों को पुलिसकर्मियों ने सही जानकारी देकर सहायता प्रदान की। कई अभ्यर्थियों को पुलिस की मदद से समय रहते अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सुविधा मिली।

बस स्टैंड पर भी किए गए थे विशेष प्रबंध

प्रशासन द्वारा इस बार सोनीपत बस स्टैंड पर भी विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं ताकि बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। हालांकि अधिकांश अभ्यर्थी अपने निजी वाहनों से ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे।

प्रशासन ने अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की सलाह दी थी। दोपहर 1 बजे तक पहुंचने का सुझाव दिया गया था, जबकि प्रवेश की अंतिम समय सीमा 1:30 बजे रखी गई थी ताकि देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को भी मौका मिल सके। इसके बावजूद शहर के कई विद्यार्थी भी समय पर नहीं पहुंच पाए और बाद में केंद्रों के बाहर मायूस नजर आए।

परीक्षा के दौरान हरियाणा पुलिस का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला।

परीक्षा के दौरान हरियाणा पुलिस का मानवीय चेहरा भी देखने को मिला।

सीआरपीएफ की निगरानी में पहुंची गोपनीय सामग्री

परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर इस बार विशेष सतर्कता बरती गई। प्रश्न पत्र और अन्य गोपनीय सामग्री सीआरपीएफ की मौजूदगी में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाई गई। किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो, इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर कड़ी निगरानी रखी गई।

तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में हुई परीक्षा

सभी परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। पहले चरण में मुख्य द्वार पर दस्तावेजों की जांच की गई। दूसरे चरण में बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। तीसरे चरण में अभ्यर्थियों की विस्तृत शारीरिक जांच की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री परीक्षा कक्ष तक न पहुंच सके। पूरे परीक्षा काल के दौरान सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे।

एग्जाम देकर बाहर आते बच्चे

एग्जाम देकर बाहर आते बच्चे

ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहे तैनात

परीक्षा के शांतिपूर्ण और पारदर्शी संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से सभी परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। अधिकारियों ने समय-समय पर केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी।

गन्नौर के गांव पीपली खेड़ा निवासी कृति ने बताया कि उनका पेपर अच्छा हुआ है।

गन्नौर के गांव पीपली खेड़ा निवासी कृति ने बताया कि उनका पेपर अच्छा हुआ है।

अब पढ़िए… एग्जाम के बाद स्टूडेंट्स ने क्या कहा…

कृति ने बताया कि उनका पेपर अच्छा हुआ: परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। गन्नौर के गांव पीपली खेड़ा निवासी कृति ने बताया कि उनका पेपर अच्छा हुआ है। उन्होंने कहा कि उनकी तैयारी भी अच्छी थी और उन्हें उम्मीद है कि इस बार परीक्षा उत्तीर्ण कर लेंगी। कृति ने बताया कि वह पिछले वर्ष भी परीक्षा में शामिल हुई थीं।

सोनीपत निवासी ऋचा ने कहा कि पिछले वर्ष पेपर लीक की घटना ने अभ्यर्थियों को काफी निराश किया था।

सोनीपत निवासी ऋचा ने कहा कि पिछले वर्ष पेपर लीक की घटना ने अभ्यर्थियों को काफी निराश किया था।

विकास नगर निवासी एक विद्यार्थी ने बताया कि परीक्षा काफी हद तक उनकी तैयारी के अनुरूप रही। उनके अनुसार बायोलॉजी और फिजिक्स अपेक्षाकृत आसान रहीं, जबकि केमिस्ट्री का स्तर कुछ कठिन था।

पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए: सोनीपत निवासी ऋचा ने कहा कि पिछले वर्ष पेपर लीक की घटना ने अभ्यर्थियों को काफी निराश किया था। उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी पूरे साल मेहनत करता है और यदि पेपर लीक जैसी घटना हो जाए तो उसकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।

ऋचा के अनुसार इस बार बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान रही, केमिस्ट्री का स्तर मॉडरेट था, जबकि फिजिक्स पिछले वर्ष की तुलना में अधिक कठिन और लंबी थी। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक की खबरों ने ऐसा महसूस कराया मानो अभ्यर्थियों के साथ धोखा हुआ हो।

उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकना चाहिए ताकि मेहनती अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

खबरें और भी हैं…



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