पंजाब में 4 साल से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के जरिए चल रही व्यवस्था अब समाप्त हो सकती है। राज्य को जल्द स्थायी डीजीपी मिलने की संभावना है, क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग ने 30 जून को चयन समिति की बैठक निर्धारित की है। सूत्रों के अनुसार, यूपीएससी राज्य सरकार की ओर से भेजे गए पात्र आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार कर 3 वरिष्ठ अधिकारियों का पैनल तैयार करेगा। यही पैनल पंजाब सरकार को भेजा जाएगा, जिसमें से एक अधिकारी को राज्य का नियमित डीजीपी नियुक्त किया जाएगा। स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया उस समय तेज हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में कई राज्यों में लंबे समय से डीजीपी नियुक्त रखने पर नाराजगी जताई थी। यूपीएससी ने पंजाब सरकार से पात्र अधिकारियों की सूची मांगी थी। राज्य सरकार ने अप्रैल माह में 14 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम यूपीएससी को भेजे थे। अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता, अनुभव और अन्य मानकों पर चयन समिति विचार करेगी। यदि बैठक के बाद यूपीएससी पैनल को अंतिम रूप दे देता है तो पंजाब में डीजीपी व्यवस्था समाप्त हो सकती है। सीनियोरिटी में शरद चौहान सबसे आगे मौजूदा डीजीपी गौरव यादव का नाम भी दावेदारों में शामिल है। वह 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और जुलाई 2022 से पंजाब पुलिस की कमान संभाल रहे हैं। उनकी नियुक्ति को लेकर विपक्षी दल समय-समय पर सवाल उठाते रहे हैं, क्योंकि उन्हें नियमित डीजीपी के बजाय कार्यवाहक रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। 1992 बैच के अधिकारियों में वरिष्ठता के आधार पर डॉ. शरद सत्य चौहान सबसे आगे माने जाते हैं। फिर हरप्रीत सिंह सिद्धू, गौरव यादव और कुलदीप सिंह का नाम आता है। माना जा रहा है कि यूपीएससी की ओर से तैयार किए जाने वाले अंतिम पैनल में इन अधिकारियों की दावेदारी मजबूत रह सकती है। सूची में 1992, 1993 और 1994 बैच के कुल 14 आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। 1992 बैच से डॉ. शरद सत्य चौहान, हरप्रीत सिंह सिद्धू, गौरव यादव और कुलदीप सिंह के नाम शामिल हैं। 1993 बैच से गुरप्रीत कौर देव, जितेंद्र कुमार जैन और शशि प्रभा द्विवेदी को सूची में स्थान दिया गया है। इसके अलावा 1994 बैच से सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार सिन्हा, अमरदीप सिंह राय, वी. नीरजा, अनिता पुंज, नरेश कुमार और राम सिंह के नाम प्रस्तावित किए गए हैं। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं। जानकारी के अनुसार, 1989 बैच के अधिकारी सामंत गोयल ने इस पद के लिए अपनी अनिच्छा जताई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी राज्य में नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएससी की चयन समिति पैनल तैयार करती है। समिति में यूपीएससी अध्यक्ष, केंद्रीय गृह मंत्रालय का प्रतिनिधि, राज्य का मुख्य सचिव, वर्तमान डीजीपी तथा किसी अन्य राज्य कैडर से संबंधित केंद्रीय पुलिस संगठन का वरिष्ठ अधिकारी शामिल होता है।
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प्रदेश को 4 साल बाद मिलेगा रेगुलर डीजीपी…:सरकार की सूची में 14 आईपीएस अधिकारी, डीजीपी यादव की दावेदारी मजबूत







