एसआईआर कार्य के दौरान ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने सभी जिलों के डीसी से ऐसे लापरवाह कर्मचारियों की सूची तलब की है, जिन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन सही से नहीं किया। सूत्रों के अनुसार एसआईआर में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की संख्या 250 से अधिक है। आयोग ने इन सभी का नाम, विभाग, पद, बीएलओ या अन्य पद पर तैनाती का स्थान, विधानसभा और बूथ नंबर सहित विस्तृत विवरण मांगा है। अगले दो दिनों में यह रिपोर्ट चुनाव आयोग के पास पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा सकता है। आयोग की सिफारिश पर इन कर्मचारियों को सस्पेंड या चार्जशीट किया जा सकता है। इसके लिए भारतीय चुनाव आयोग को भी लिखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक हर जिले में औसतन 10 से 12 लापरवाह कर्मचारी हैं। इनमें से कुछ को डीसी स्तर पर पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जिन जिलों में काम सबसे देरी से चला, वहां गाज गिरना तय है। आयोग ने काम पूरा करने की अवधि 10 दिन बढ़ाई हुई है। हरियाणा के 10 जिलों में सभी वोटर कवर सहित विस्तृत विवरण मांगा है। अगले दो दिनों में यह रिपोर्ट चुनाव आयोग के पास पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी और संबंधित विभागों को सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जा सकता है। आयोग की सिफारिश पर इन कर्मचारियों को सस्पेंड या चार्जशीट किया जा सकता है। इसके लिए भारतीय चुनाव आयोग को भी लिखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक हर जिले में औसतन 10 से 12 लापरवाह कर्मचारी हैं। इनमें से कुछ को डीसी स्तर पर पहले ही निलंबित किया जा चुका है। जिन जिलों में काम सबसे देरी से चला, वहां गाज गिरना तय है। आयोग ने काम पूरा करने की अवधि 10 दिन बढ़ाई हुई है। शत-प्रतिशत एसआईआर: प्रदेश के 10 जिलों में एसआईआर का शत-प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इनमें महेंद्रगढ़, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, फतेहाबाद, सिरसा, रेवाड़ी, नूह, पलवल और चरखी दादरी शामिल हैं। पेंडिंग वोटर्स की स्थिति: राज्य के कुल 2.06 करोड़ मतदाताओं में से अब केवल 1.32 लाख वोटर ही पेंडिंग बचे हैं। इनमें सबसे अधिक गुड़गांव में 84 हजार मतदाताओं का एसआईआर बाकी है। फरीदाबाद में 14 हजार मतदाताओं का एसआईआर बाकी है। डिजिटाइजेशन का आंकड़ा: कुल मतदाताओं में से 1.71 करोड़ से ज्यादा (82.84%) वोटर डिजिटाइज हो चुके हैं। अन-कलेक्टेड फॉर्म: अब तक 34.12 लाख मतदाताओं के इलेक्टोरल फॉर्म अन-कलेक्टेड हैं। यह कुल वोटर्स का 16.52% है।
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SIR में लापरवाही… 250 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी
