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Sangrur Court Lawyers Strike | LADC System Protest



संगरूर जिला अदालत में वकीलों की बेमियादी हड़ताल लगातार जारी है, जिससे पिछले कई दिनों से न्यायिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। वकीलों द्वारा लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) सिस्टम को खत्म करने की मांग को लेकर किए जा रहे इस विरोध प्रदर्शन के कारण अ

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बार एसोसिएशन के वकीलों का कहना है कि वे लंबे समय से उन गरीब और बेसहारा लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करते आ रहे हैं, जिनके पास अपने मामलों की पैरवी के लिए पैसे नहीं होते। ऐसे लोग अक्सर जेलों में बंद होते हैं या अदालतों में मुकदमों का सामना कर रहे होते हैं।

वकीलों का गंभीर आरोप है कि पिछले कुछ समय से LADC के वकील सीधे जेलों में जाकर कैदियों से केस ले रहे हैं। बार काउंसिल के सदस्यों के अनुसार, जब वे इन मामलों में जज के सामने पेश होते हैं, तो यह बात सामने आती है कि LADC के वकीलों ने कैदियों से जबरन केस लिए हैं। वकीलों का तर्क है कि यह व्यवस्था निष्पक्ष न्याय और वकालत के पेशे के सिद्धांतों के खिलाफ है।

पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

बार एसोसिएशन संगरूर के अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह ढींडसा ने इस मुद्दे पर वकीलों का पक्ष रखते हुए कहा कि मौजूदा LADC सिस्टम पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण है और इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। वकील मांग कर रहे हैं कि इस नई व्यवस्था को बंद कर पुरानी कानूनी सहायता प्रणाली को बहाल किया जाए, ताकि गरीबों को सही मायने में न्याय मिल सके और वकीलों के अधिकारों का भी हनन न हो।

जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, जारी रहेगा संघर्ष

हड़ताल पर बैठे वकीलों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन और संबंधित विभाग LADC सिस्टम को खत्म करने की उनकी जायज मांग को पूरा नहीं करता, तब तक यह हड़ताल और कार्य बहिष्कार इसी तरह अनवरत जारी रहेगा।

इस बीच, अदालतों में कामकाज ठप होने के कारण मुकदमों की तारीखें आगे बढ़ रही हैं, जिससे विचाराधीन कैदियों और आम जनता की मुश्किलें हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही हैं।



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