Related Posts

फरीदकोट में कर्मचारियों और पेंशनरों का रोष प्रदर्शन:सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर 17 जुलाई 2020 के पत्र की प्रतियां जलाईं




पंजाब सरकार की कथित कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ शुक्रवार को फरीदकोट के जिला सचिवालय स्थित डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालय के सामने कर्मचारियों और पेंशनरों ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। संयुक्त तालमेल कमेटी, पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर संयुक्त फ्रंट और संयुक्त कर्मचारी मंच पंजाब के आह्वान पर राज्यव्यापी आंदोलन के तहत जिला व तहसील स्तर पर यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और 17 जुलाई 2020 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा जारी किए गए एक पत्र की प्रतियां जलाकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। ‘काले परिधान’ पहनकर जताया अनोखा विरोध इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें शामिल सभी कर्मचारी और पेंशनर अनोखे विरोध स्वरूप काले बैज, काली पट्टियां, काले वस्त्र और काली पगड़ियां पहनकर पहुंचे थे। समूचा धरना स्थल सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। अदालती फैसलों को भी लागू नहीं कर रही सरकार: कर्मचारी नेता धरने को संबोधित करते हुए संयुक्त कर्मचारी मंच पंजाब के मुख्य संयोजक गुरनाम सिंह विरक, विक्रमजीत सिंह ढिल्लों, जतींदर कुमार, जसमेल सिंह जस्सी, सिमरजीत सिंह बराड़, बलकार सिंह सहोता, सुखविंदर सिंह सुख्खी और गगन पाहवा सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने वर्तमान सरकार पर तीखे हमले किए। पिछली सरकार की नीतियों को सख्ती से लागू करने का आरोप: नेताओं ने कहा कि 17 जुलाई 2020 का जो कर्मचारी विरोधी पत्र कांग्रेस सरकार के समय जारी हुआ था, वर्तमान भगवंत मान सरकार उसे रद्द करने के बजाय और अधिक सख्ती से लागू कर रही है।उन्होंने दावा किया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण कर्मचारियों को मजबूरन अदालतों का रुख करना पड़ा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में कर्मचारियों के पक्ष में फैसले दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें लागू करने में कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है। विभिन्न विभागों में लगातार ऐसे नियम थोपे जा रहे हैं जो पूरी तरह से कर्मचारी और पेंशनर विरोधी हैं। 7 अगस्त को चंडीगढ़ में ‘महारैली’ का शंखनाद प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को मनवाने के लिए पीछे नहीं हटेंगे। कर्मचारी नेताओं ने घोषणा की कि 7 अगस्त को चंडीगढ़ में एक विशाल ‘महा रैली’ का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए पूरे राज्य में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। नेताओं ने दावा किया कि फरीदकोट जिले से रिकॉर्ड संख्या में कर्मचारी और पेंशनर चंडीगढ़ कूच करेंगे और सरकार के खिलाफ संघर्ष को और तेज करेंगे।



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें