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Rajan Sharma Honored with Global Education Icon Award 2026 in Nepal


भिवानी के शिक्षक राजन शर्मा को नेपाल में ग्लोबल एजुकेशन आइकॉन अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया।

भिवानी के शिक्षक प्रशिक्षक, शिक्षा विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय वक्ता राजन शर्मा हाल ही में नेपाल के शैक्षिक दौरे से लौटे हैं। जहां उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शिक्षा के भविष्य को लेकर अपने विचार सांझा

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नेपाल की राजधानी काठमांडू सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में राजन शर्मा ने लगभग 1200 अभिभावकों, विद्यार्थियों, प्राचार्यों, विश्वविद्यालय छात्रों, शिक्षकों और शिक्षाविदों को संबोधित किया। उनके सत्रों में नेपाल के सात राज्यों से आए शिक्षा जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

नेपाल पहुंचे भिवानी के शिक्षक राजन शर्मा

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन में राजन शर्मा ने शिक्षा के समक्ष वैश्विक चुनौतियां एवं उनके समाधान, “भविष्य की शिक्षा” और “भारतीय शिक्षा को वैश्विक परिप्रेक्ष्य से जोड़ने” जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीकी बदलाव और तेजी से बदलते रोजगार परिदृश्य के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संवाद कौशल, समस्या समाधान, नेतृत्व, नवाचार और मानवीय मूल्यों का विकास करना होना चाहिए।

भारत के पास ज्ञान, संस्कृति, मूल्यों और समग्र शिक्षा की समृद्ध परंपरा राजन शर्मा ने भारतीय शिक्षा प्रणाली की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के पास ज्ञान, संस्कृति, मूल्यों और समग्र शिक्षा की समृद्ध परंपरा है। यदि इसे आधुनिक तकनीक और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ जोड़ा जाए तो भारतीय शिक्षा विश्व के लिए एक प्रभावी मॉडल बन सकती है।

नेपाल पहुंचे भिवानी के शिक्षक राजन शर्मा

नेपाल प्रवास के दौरान उन्होंने विद्यालयों के शिक्षकों और प्राचार्यों के साथ अनुभवात्मक अधिगम, शिक्षक नेतृत्व, कक्षा में नवाचार और विद्यार्थी सहभागिता जैसे विषयों पर चर्चा की। वहीं विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के साथ करियर, संचार कौशल, भविष्य के अवसरों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सफलता के सूत्र साझा किए।

शिक्षण पद्धतियों, भविष्य के कौशलों और छात्र विकास को लेकर सांझा समझ भी मजबूत हुई राजन शर्मा ने कहा कि इस यात्रा का सबसे सकारात्मक पक्ष भारत और नेपाल के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच विचारों का आदान-प्रदान रहा। इससे न केवल दोनों देशों के शिक्षा जगत के बीच सहयोग की नई संभावनाएं खुली हैं, बल्कि शिक्षण पद्धतियों, भविष्य के कौशलों और छात्र विकास को लेकर सांझा समझ भी मजबूत हुई है।

सम्मेलन के समापन अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान, हजारों शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा शिक्षा को वैश्विक स्तर पर जोड़ने के प्रयासों के लिए उन्हें ग्लोबल एजुकेशन आइकॉन अवॉर्ड-2026 प्रदान किया गया।



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