पंजाब में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री अमन अरोड़ा के आवास के बाहर NSQF वोकेशनल टीचरों ने अपनी सैलरी और भर्ती प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन NSQF वोकेशनल टीचरों की भर्ती प्रक्रिया को निजी कंपनियों को सौंपे जाने के विर
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NSQF वोकेशनल टीचर्स फ्रंट (पंजाब) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि वोकेशनल शिक्षकों को निजी कंपनियों के अधीन करना शिक्षा प्रणाली और शिक्षकों के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। फ्रंट के नेताओं ने बताया कि NSQF योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों का योगदान 60:40 के अनुपात में होता है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
इस योजना के तहत पंजाब के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन अब शिक्षकों की भर्ती निजी कंपनियों के माध्यम से करने का प्रयास किया जा रहा है। फ्रंट ने मांग की है कि NSQF शिक्षकों को शिक्षा विभाग के कैडर में शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों को नियमों के अनुसार वेतन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।
नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। वोकेशनल टीचर्स फ्रंट ने सरकार से अपील की है कि वह शिक्षकों की जायज मांगों को जल्द पूरा करे और शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण की नीतियों पर रोक लगाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
