आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
पानीपत की CIA-1 पुलिस टीम ने फर्जी फर्मों के नाम पर यार्न कारोबारियों से करीब 15 लाख रुपए का धागा खरीदकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान मस्ताना चौक पठान मोहल्ला निवासी दीपक कपूर, वार
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पंजाब, यूपी और उत्तराखंड में बेचते थे माल
सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि गहन पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले पकड़े जा चुके अपने साथी प्रीत सिंह के साथ मिलकर पानीपत और आसपास के यार्न कारोबारियों से धागा खरीदकर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया था। आरोपियों ने बताया कि वे व्यापारियों से धोखाधड़ी कर लिया गया धागा पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश (यूपी) की धागा मार्केट्स में बेच देते थे और उससे मिलने वाले पैसों को आपस में बराबर हिस्सों में बांट लेते थे।
आरोपियों की पहचान मस्ताना चौक पठान मोहल्ला निवासी दीपक कपूर, वार्ड-11 नजदीक रामलाल स्कूल, किला निवासी राजेश रॉय रत्न और मुखीजा कॉलोनी निवासी राहुल के रूप में हुई है।
इन चार बड़ी फर्मों से ठगी करना स्वीकारा
- श्याम यार्न (उग्राखेड़ी): 3744 किलो धागा खरीदकर ₹2,29,979 की ठगी।
- महादेव टेक्सटाइल (गंगापुरी रोड): 7 हजार किलो धागा खरीदकर ₹4,47,210 की ठगी।
- गुप्ता यार्न (गोहाना रोड): 10 हजार किलो धागा खरीदकर ₹5,94,928 की ठगी।
- निर्मल बाला जी स्पिन टैक्स (नौल्था): 2500 किलो धागा खरीदकर ₹2,10,263 की ठगी।
ऐसे हुआ था मामले का भंडाफोड़
थाना चांदनी बाग में सोनीपत के ढुराना गांव निवासी अरविंद (मालिक- श्याम यार्न) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 सितंबर 2025 को दीपक कपूर, प्रीत सिंह, राज रत्न और राहुल कुमार उनकी फैक्टरी में आए थे। उन्होंने सेक्टर-25 में ओम ट्रेडर्स, महादेव इंटरप्राइजेज, नानक इंटरप्राइजेज और फर्निशिंग वाला नाम से चार फर्में होने का दावा कर 3744 किलो धागे का ऑर्डर दिया।
अरविंद ने 13 सितंबर को दो गाड़ियों में माल लोड कराकर उनकी फैक्टरी भिजवा दिया, जिसके बदले आरोपियों ने ₹2,29,979 का चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। जब अरविंद ने भुगतान मांगा, तो आरोपियों ने टालमटोल की और धमकी देते हुए कहा कि वे लोगों को इसी तरह ठगते हैं।
मामले में पहले पकड़ा जा चुका मुख्य आरोपी प्रीत सिंह जेल जा चुका है।
घाटे से उबरने और शॉर्टकट से अमीर बनने की रची थी साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दीपक कपूर की सेक्टर-25 पार्ट-2 में ओम ट्रेडर्स के नाम से हैंडलूम की फर्म है। राहुल की महादेव इंटरप्राइजेज नाम से और राजेश रॉय रत्न की फर्निशिंग वाला नाम से फर्म है। वहीं, पहले पकड़े जा चुके आरोपी प्रीत सिंह की टोल प्लाजा के पास प्लास्टिक दाना की फैक्टरी थी, जो करीब डेढ़ साल पहले भारी नुकसान होने के कारण बंद हो गई थी। चारों दोस्तों ने मिलकर शॉर्टकट तरीके से कम समय में मोटा पैसा कमाने के लिए व्यापारियों को ठगने की साजिश रची थी। ये कारोबारियों से माल खरीदकर जानबूझकर ऐसे चेक देते थे जो बैंक में जाकर बाउंस हो जाते थे।
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