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उकलाना में गरजे दीपेंद्र हुड्डा, बोले-HPSC चेयरमैन दें इस्तीफा:पेपर लीक की लें जिम्मेदारी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तक जारी रहेगी लड़ाई




रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को उकलाना हलके के कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल के आवास पर पहुंचे। जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, कानून-व्यवस्था और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत में दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि यदि नीट पेपर लीक प्रकरण में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दे सकते हैं तो हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के चेयरमैन आलोक वर्मा भी अपने कार्यकाल में हुए पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे। ‘एचपीएससी चेयरमैन के कार्यकाल में सबसे अधिक पेपर लीक हुए’ उन्होंने आरोप लगाया कि एचपीएससी चेयरमैन के कार्यकाल में प्रदेश में सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि एचपीएससी कार्यालय से करोड़ों रुपए की बरामदगी हुई और एचपीएससी और एचएसएससी से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। उन्होंने कहा कि हरियाणा पेपर लीक के मामलों में पूरे देश में बदनाम हुआ है और भाजपा सरकार की कार्यशैली “खर्चा करो, पर्चा आउट कराओ” जैसी बन गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी लेने और एचपीएससी चेयरमैन से तत्काल इस्तीफा दिलाने की मांग की। ‘समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, लाठी और दमन से नहीं’ दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल आधी जीत है। जब तक देश की शिक्षा एवं परीक्षा व्यवस्था में व्यापक और स्थायी सुधार नहीं किए जाते, तब तक कांग्रेस छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में समस्याओं का समाधान संवाद से होना चाहिए, लाठी और दमन से नहीं। उन्होंने भाजपा सरकार से छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के लिए देश के युवाओं से माफी मांगने की मांग की।
‘प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही’ सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। रोजगार के अवसर लगातार कम हुए हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जनता के दबाव का परिणाम है और युवाओं की आवाज ने सरकार को झुकने पर मजबूर किया। हरियाणा की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हाल ही में एक केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा प्रदेश से जुड़े चैनत मुद्दे पर की गई घोषणा से यह संदेश गया कि मुख्यमंत्री की भूमिका कमजोर हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और हत्या, अपहरण तथा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री पंजाब में जाकर प्रचार में लगे और हरियाणा के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। ‘भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए’ उन्होंने हिसार एयरपोर्ट और जींद में शुरू की गई हाइड्रोजन ट्रेन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए। लेकिन कई परियोजनाएं धरातल पर अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ सकीं। उन्होंने कहा कि हिसार में यदि उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े संस्थान स्थापित किए जाते हैं तो इससे पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने गांव बिठमड़ा पहुंचकर राजेश धत्तरवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना दी। इस अवसर पर सांसद जयप्रकाश, सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक नरेश सेलवाल, विधायक जस्सी पेटवाड़, विधायक चंद्रप्रकाश जांगड़ा तथा नरेंद्र खैरी सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



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