मोगा के सरकारी अस्पताल में भर्ती नाबालिग लड़की।
मोगा में सिरफिरे आशिक से तंग आकर नाबालिग लड़की ने थाने के बाहर जहर पी लिया, जिससे वह बेहोश होकर वहीं पर गिर पड़ी। इसके बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर अभी उसका इलाज चल रहा है।
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पीड़िता की मां ने बताया कि गांव का एक व्यक्ति लंबे समय से बेटी के पीछे पड़ा हुआ था और उसे अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था। हाल ही में बेटी ने बताया था कि वह बुरी तरह मानसिक रूप से परेशान है, क्योंकि आरोपी उसे रास्ते में जबरन रोकता है और उसके मोबाइल पर भी लगातार परेशान करता है।
उन्होंने कहा- इसी को लेकर हम मैहना थाने आए हुए थे, लेकिन पुलिस ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की। हमें दोबारा थाने बुलाया गया था, लेकिन पुलिस ने फिर भी हमारी बात नहीं सुनी। पुलिस के इस रवैए से निराश होकर जब हम थाने से बाहर आए, तो हमारी बेटी ने यह कदम उठा लिया।
लड़की की मां ने कहा कि दोबारा थाने में आने पर भी पुलिस ने हमारी कोई सुनवाई नहीं की।
लड़की को गांव का ही युवक परेशान कर रहा था
जानकारी के अनुसार, मामला 1 जुलाई का है। मैहना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में 16 साल की नाबालिग लड़की ने एक युवक की प्रताड़ना और डराने-धमकाने से तंग आकर जहरीली दवाई पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया।
पीड़िता को गंभीर हालत में मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल में उपचाराधीन पीड़िता ने बताया कि गांव के ही एक लड़के ने कुछ समय पहले उसके साथ बदसलूकी की थी। इसके बाद से ही वह उसे लगातार डरा-धमका रहा था और दोबारा बदसलूकी करने के लिए मजबूर कर रहा था। इस मानसिक प्रताड़ना और दबाव से तंग आकर आखिरकार उसने खौफनाक कदम उठाते हुए जहरीली दवा पी ली।
मां बोली- आरोपी रास्ते में जबरन रोकता था
पीड़िता की मां ने रोते हुए बताया कि उनके गांव का एक व्यक्ति लंबे समय से उनकी नाबालिग बेटी के पीछे पड़ा हुआ था और उसे अपनी हवस का शिकार बनाना चाहता था। हाल ही में बेटी ने अपनी मां को बताया था कि वह बुरी तरह मानसिक रूप से परेशान है, क्योंकि आरोपी उसे रास्ते में जबरन रोकता है और उसके मोबाइल फोन पर भी लगातार परेशान करता है।
मां के अनुसार, उन्होंने आरोपी के परिवार से इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन आरोपी और उसके परिजनों ने पीड़िता के परिवार को धमकियां दीं और बीच-बचाव करने आए पंचायत सदस्यों के साथ भी गाली-गलौज की।
पुलिस ने नहीं की सुनवाई, थाने के बाहर जहर पिया
पीड़िता के परिवार ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मां ने बताया कि आरोपी से तंग आकर उन्होंने गांव के सरपंच मनदीप सिंह और अन्य पंचायत सदस्यों के साथ मिलकर मैहना थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की।
पीड़िता की मां ने कहा कि हमें दोबारा थाने बुलाया गया था, लेकिन पुलिस ने फिर भी हमारी बात नहीं सुनी। पुलिस के इस ढुलमुल रवैए से निराश होकर जब हम थाने से बाहर आए, तो हमारी बेटी ने अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर जहरीली दवाई पी ली और वहीं गिर पड़ी। हम उसे तुरंत सिविल अस्पताल लेकर भागे।
थाना प्रभारी बोले- कोई छेड़छाड़ नहीं हुई
थाना प्रभारी राज सिंह ने बताया कि लड़की 1 जुलाई को सिविल अस्पताल मोगा में दाखिल हुई थी। उसने नींद की गोलियां खा ली थी। इसके बाद वह और उसके माता-पिता के बयान दर्ज किए गए। उन्होंने अपने बयान में कहा कि गांव में गुटबाजी होने के कारण कुछ शरारती तत्व बेटी को गुमराह कर उससे झूठे बयान दिलवाना चाहते थे। इस घटना में किसी का कोई दोष नहीं है और न ही उसके के साथ किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करवाना चाहते हैं।
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