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IVF से हुई जुड़वां बेटियों को अपना मानने से इनकार:गुरुग्राम में कपल बोला-शक्ल नहीं मिलती, DNA टेस्ट में 0% मैच; दिल्ली सेंटर पर FIR कराई




हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले कपल ने राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में स्थित आईवीएफ (IVF) सेंटर पर बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाया है। पीड़ित कपल राहुल और मीनू राठौर द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-111 स्थित लग्जरियस पुरी डिप्लोमेटिक ग्रीन्स सोसाइटी में रहते हैं। कपल ने बताया कि जनवरी 2026 में उनके यहां आईवीएफ तकनीक से दो जुड़वां बच्चियों को जन्म हुआ था। मगर, बच्चियों की शक्ल परिवार के किसी भी सदस्य से न मिलने पर जब डीएनए टेस्ट करवाया, तो रिपोर्ट देखकर उनके होश उड़ गए। लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि दोनों बच्चियों का बायोलॉजिकल मैच न तो अपनी मां से हो रहा है और न ही पिता से। इसके बाद उन्होंने सेंटर इंचार्ज से संपर्क साधा, लेकिन उनकी बात सुनने की बजाए उन पर आरोप लगा दिए गए। पुलिस ने भी उनकी नहीं सुनी। इसके बाद कोर्ट का सहारा लिया तो रिपोर्ट दर्ज की गई। मगर, दो माह बीत गए है, लेकिन ग्रेटर कैलाश थाना पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। आईवीएफ ट्रीटमेंट शुरू करने से लेकर बच्चियों के जन्म तक क्या हुआ… न्याय के लिए पांच माह से चक्कर काट रहे कपल की ये हैं डिमांड… इलेक्ट्रॉनिक डेटा और एम्ब्रियो लॉग की जांच पीड़ित दंपती राहुल और मीनू राठौर ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि मामले की कड़ियों को जोड़ने और सच्चाई सामने लाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया जाना बेहद जरूरी है। आईवीएफ सेंटर के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को तुरंत जब्त कर जांचा जाए। अस्पताल के इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस, सर्वर लॉग और आईवीएफ रिकॉर्ड्स (IVF Records) की साइबर एक्सपर्ट्स से स्क्रूटनी कराई जाए। एम्ब्रियो लॉग की गहन फॉरेंसिक जांच की जाए। ताकि साफ हो सके कि किस तारीख को किस मरीज के भ्रूण का इस्तेमाल कहां किया गया था। दंपती का कहना है कि जब तक इन तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच नहीं होगी, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाएगा और न ही वे अपने असली जैविक बच्चे तक पहुंच पाएंगे। सोशल मीडिया पर लगाई गुहार पीड़ित राहुल राठौर ने मामले को ह्यूमन ट्रैफिकिंग से भी जोड़ दिया है। कहना है कि 5 महीने से वह लगातार पुलिस, अस्पताल और कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। आदेश के बावजूद भी अस्पताल की और से अभी तक कोर्ट में पूरे कागजात दाखिल नहीं किए हैं। मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उनको सोशल मीडिया के जरिए गुहार लगानी पड़ी। राहुल राठौर ने अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ मिलकर एक वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रहा है। दूसरे पेरेंट्स से भी लगाई गुहार पीड़ित दंपती का कहना है कि किसी भी दंपती ने अगर 2025 में अपना आईवीएफ ट्रीटमेंट द्वारका के ईवीएफ सेंटर में करवाया है या फिर किसी दंपति के बच्चों का जन्म 5 जनवरी 2026 को हुआ है, तो कृपया अपने बच्चों का डीएनए टेस्ट करवा लें। हो सकता है कि आपके बच्चे हमारे पास हो और हमारे बच्चे आपके पास। हालांकि पीड़ित दंपती ने कहा कि हम किसी के ऊपर कोई इल्जाम नहीं लगा रहे हैं और ना ही हम किसी के ऊपर कोई केस करना चाहते बस हमें अपने बच्चे मिल जाए और ये बच्चे उनके मां-बाप तक पहुंच जाए, बस यही गुजारिश है। क्या है आईवीएफ तकनीक, इन्फोग्राफिक्स में जानिए…



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