पंचकूला में प्रदर्शन करते हुए बिजली निगम कर्मचारी।
हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (HSEB) वर्कर्स यूनियन ने कार्यस्थल पर JE-1 विशाल प्रभाकर को कथित रूप से बेवजह परेशान करने और तानाशाही तरीके से तबादला करने के विरोध में मंगलवार को शहरी उपमंडल पंचकूला कार्यालय के बाहर दो घंटे का प्रदर्शन किया।
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यूनियन पदाधिकारियों ने सिटी सब डिवीजन के कर्मचारियों ने सुबह 9 बजे से 11 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पहले कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर उपमंडल अधिकारी (SDO) शहरी उपमंडल पंचकूला से मुलाकात कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला।
यूनियन के सिटी सब यूनिट प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि मांगों को लेकर पहले ही विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा चुका था। कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 22 जून से 23 जून तक दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया गया।
एसडीओ के पत्र पर भड़के कर्मचारी
यूनियन का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उपमंडल अधिकारी ने आंदोलन को “अवैधानिक” बताते हुए पत्र जारी किया और कर्मचारियों से धरना समाप्त करने को कहा। कर्मचारियों ने इस पत्र का विरोध करते हुए नारेबाजी की और कहा कि जब तक उनकी जायज मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
यूनियन नेताओं का कहना है कि JE-1 विशाल प्रभाकर के तबादले के आदेश वापस नहीं लिए गए तो विरोध प्रदर्शन को अगले चरण में कार्यकारी अभियंता स्तर तक ले जाया जाएगा।
यूनिट प्रधान अनिल काली।
कल फिर जुटेंगे कर्मचारी
प्रदर्शन स्थल पर यूनियन की कार्यकारिणी भी मौजूद रही। यूनिट प्रधान अनिल काली ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बुधवार को भी बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।
पंचकूला के बिजली कर्मियों की प्रमुख मांग
- JE-1 विशाल प्रभाकर के तबादले के आदेश वापस लिए जाएं।
- कर्मचारियों के साथ कथित उत्पीड़न और तानाशाही रवैये पर रोक लगाई जाए।
- कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
