पठानकोट जिले में भट्ठा मजदूरों ने अपने अधिकारों को लेकर संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। ‘लाल झंडा पंजाब भट्ठा लेबर यूनियन’ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मजदूरों ने जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने भट्ठा मालिकों और लेबर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि उनके साथ तय हुए सरकारी समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है। पैसों के भुगतान में हेराफेरी का आरोप यूनियन नेताओं के अनुसार, लेबर विभाग के दफ्तर में भट्ठा मालिकों और मजदूरों के बीच प्रति हजार ईंट ₹1138 की दर तय हुई थी। नियम के मुताबिक, जिन भट्ठों पर मालिक खुद मिट्टी तैयार करते हैं, वहां ₹185 की कटौती के बाद मजदूरों को लगभग ₹953 प्रति हजार ईंट मिलने चाहिए। लेकिन, मजदूरों का आरोप है कि उन्हें केवल ₹770 से ₹870 ही दिए जा रहे हैं, जो कि सरासर नाइंसाफी है। लेबर विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप धरने को संबोधित करते हुए यूनियन के जनरल सचिव कामरेड शिव कुमार, संयुक्त सचिव मनहरन और अन्य किसान-मजदूर नेताओं ने लेबर विभाग के अफसरों पर भट्ठा मालिकों से मिले होने के गंभीर आरोप लगाए। नेताओं ने बताया कि हाल ही में एक भट्ठे की शिकायत पर आए अधिकारियों ने मजदूरों को न्याय दिलाने के बजाय मालिक का पक्ष लिया और दबाव बनाकर ₹895 की कम दर पर नया समझौता करा दिया। इसके अलावा, रात की बिजली के नाम पर भी मजदूरों से ₹3,000 से ₹4,000 की अवैध कटौती की जा रही है। मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी मजदूरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लेबर विभाग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच हो, दोषी मालिकों पर कार्रवाई की जाए और मजदूरों का बकाया पैसा तुरंत दिलवाया जाए। यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो यह धरना अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें किसान संगठनों का पूरा समर्थन है और जरूरत पड़ने पर वे धरनास्थल पर ही लंगर शुरू कर देंगे।
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पठानकोट में मजदूरी को लेकर भट्ठा मजदूरों का फूटा गुस्सा:DC ऑफिस पर धरना, अफसरों से मिलकर मालिकों पर शोषण का आरोप
