हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग लेते हुए सीएम नायब सैनी। फाइल फोटो
हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) ने प्रदेश में प्रॉपर्टी टैक्स की गणना के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार ने वर्ष 2013 के पुराने नोटिफिकेशन को निरस्त करते हुए नई दरें और टैक्स कैल्कुलेशन का नया तरीका (कलेक्टर रेट आधारित सिस्टम) ला
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वित्तीय वर्ष 2026-2027 से प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में इसी नई व्यवस्था के तहत टैक्स का आकलन किया जाएगा। हरियाणा के शहरों को 4 कैटेगरी में बांटा गया है। A1 कैटेगरी में बड़े नगर निगम में गुरुग्राम, फरीदाबाद व मानेसर को रखा गया है।
वहीं A2 में पंचकूला, अम्बाला, हिसार, करनाल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत और यमुनानगर तथा B श्रेणी में सभी नगर परिषद व C श्रेणी में सभी नगर पालिकाएं शामिल की गई हैं। नई टैक्स पॉलिसी को लेकर शहरी स्थानीय निकाय विभाग सॉफ्टवेयर तैयार करवाया है। सॉफ्टवेयर अपडेट होने के बाद नए सिस्टम से टैक्स जमा करवाने की व्यवस्था शुरू होगी।

प्रतीकात्मक फोटो।
कैसे कटेगा टैक्स, कितनी मिलेगी छूट
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी शहरों में प्रॉपर्टी टैक्स का नया फॉर्मूला (FY 2026-27) लागू कर दिया है। टैक्स कैसे कटेगा, किसे कितनी छूट मिलेगी और गलत डिक्लेरेशन पर क्या पेनाल्टी लगेगी? एक्सपर्ट जसवंत सिंह, रिटायर्ड जोनल टैक्स ऑफिसर से जानिए आपके मन में उठने वाले सभी 20 सवालों के आसान जवाब पढ़िए।
सवाल 1- यह नया प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम कब से लागू हो रहा है।
उत्तर: यह नई व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2026-2027 से पूरी तरह लागू होगी। जिन प्रॉपर्टी मालिकों ने FY 2026-27 तक का टैक्स पहले ही जमा कर दिया है, उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
सवाल 2- नोटिफिकेशन जारी होने के तुरंत बाद टैक्स देने पर क्या नियम हैं।
उत्तर: नोटिफिकेशन जारी होने के 1 महीने तक प्रॉपर्टी मालिकों के पास पुरानी दरों (11.10.2013 के नियम) से टैक्स भरने का विकल्प रहेगा। 1 महीने के बाद सभी को नई दरों से ही टैक्स देना होगा।
सवाल 3- पुराने बकाया (Arrears) और ब्याज पर इस नीति का क्या असर होगा।
उत्तर: FY 2025-2026 तक के पुराने बकाया और ब्याज में कोई बदलाव नहीं होगा, वे जस के तस बने रहेंगे।
सवाल 4- नए नियम में शहरों को किस तरह विभाजित (Classify) किया गया है।
A1: गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर नगर निगम।
A2: अम्बाला, हिसार, करनाल, पंचकुला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत और यमुनानगर नगर निगम।
B: प्रदेश की सभी नगर परिषदें ।
C: प्रदेश की सभी नगर पालिकाएं।

सवाल 6- यह ‘फ्लोर फैक्टर’ (Floor Factor) क्या है।
उत्तर: केवल ग्राउंड फ्लोर बना होने पर फ्लोर फैक्टर 1 माना जाएगा। हर अतिरिक्त मंजिल या बेसमेंट बनने पर इसमें 0.25 जुड़ता जाएगा।
सवाल 7-

सवाल 8- आवासीय घरों के लिए ‘मल्टीप्लिकेशन फैक्टर’ (Usage Factor) की स्लैब क्या है।
उत्तर: प्लॉट/मकान के साइज के हिसाब से टैक्स की दर में छूट/एडजस्टमेंट मिलती है:
- 50 वर्ग मीटर तक के घर/इंडिपेंडेंट फ्लोर: 0.25 (टैक्स दर का सिर्फ 25% ही देना होगा)
- 50 से 100 वर्ग मीटर तक के घर: 0.50
- 100 से 200 वर्ग मीटर के घर / 100 वर्ग मीटर तक के फ्लैट: 0.75
- अन्य सभी बड़े आवासीय घर: 1.00

सवाल 10- औद्योगिक (Industrial) और अन्य विशेष संपत्तियों के क्या नियम हैं।
उत्तर:इंडस्ट्रियल प्लॉट: 500 वर्ग मीटर तक 0.25, 500-2000 वर्ग मीटर तक 0.50, 2000-5000 वर्ग मीटर तक 0.75, और 5000 वर्ग मीटर से बड़े पर 1.00 का फैक्टर लागू होगा।
संस्थागत संपत्ति: सभी पर 0.25 का फैक्टर रहेगा।
गॉल्फ कोर्स, पेट्रोल पंप, मोबाइल टावर, प्राइवेट हॉस्पिटल: इन पर 1.00 या उससे संबंधित कमर्शियल दरें लागू होंगी।
सवाल 11- क्या किराए पर दी गई प्रॉपर्टी पर ज्यादा टैक्स लगेगा।
उत्तर: जी हां, यदि कोई संपत्ति या उसका हिस्सा किराए पर दिया गया है, तो किराए वाले हिस्से पर लागू सामान्य दर का 0.25 गुना अतिरिक्त (Additional Tax) देना होगा।
सवाल 12- यदि नया टैक्स पुराने टैक्स से बहुत ज्यादा आ जाए तो क्या कोई कैपिंग है।
उत्तर: जी हां, सरकार ने सालाना टैक्स में बढ़ोतरी की ऊपरी सीमा (Capping) तय की है:
- 250 वर्ग मीटर तक के घर / 100 वर्ग मीटर तक के फ्लैट: पुराने टैक्स के अधिकतम 1.25 गुना तक ही बढ़ेगा।
- 250 से 350 वर्ग मीटर तक के घर: अधिकतम 1.5 गुना।
- अन्य आवासीय और 500 वर्ग मीटर तक की इंडस्ट्री: अधिकतम 1.5 से 2 गुना।
- अन्य सभी संपत्तियां: पुराने टैक्स के अधिकतम 3 गुना तक ही बढ़ सकती हैं।

सवाल 14- लाल डोरा की संपत्तियों के लिए क्या खास छूट है।
उत्तर: निकायों में शामिल होने की तिथि से 5 वर्षों तक लाल डोरा के आवासीय घरों पर (अधिकतम 3 मंजिलों तक) टैक्स में पूरी छूट रहेगी। वहीं, मौजूदा गांवों के लाल डोरा में स्थित आवासीय घरों को 75% की छूट (Rebate) दी जाएगी।
सवाल 15- क्या एक व्यक्ति एक से अधिक रिबेट का लाभ ले सकता है।
उत्तर: हां, लेकिन किसी भी संपत्ति पर मिलने वाली कुल रिबेट (छूट) अधिकतम 25% ही हो सकती है।
सवाल 16- यदि किसी ने टैक्स बचाने के लिए गलत डिक्लेरेशन दिया तो क्या होगा।
उत्तर: गलत जानकारी देकर टैक्स चोरी करने पर बचाए गए टैक्स राशि का दोगुना (2x) जुर्माना लगेगा और साथ ही 1.5% प्रति माह की दर से ब्याज वसूला जाएगा।

सवाल 18- अवैध या अनधिकृत निर्माण पर क्या पेनाल्टी है।
उत्तर: किसी भी अवैध या अनधिकृत निर्माण पर, जब तक वह नियमित (Regularize) न हो जाए या गिरा न दिया जाए, देय टैक्स का दोगुना (2x) जुर्माना अतिरिक्त लगेगा।
सवाल 19- समय पर टैक्स न भरने पर क्या ब्याज लगेगा।
उत्तर: टैक्स में देरी करने पर 1.5% प्रति माह (या उसके भाग) के हिसाब से साधारण ब्याज वसूला जाएगा।
सवाल 20- छूट का लाभ उठाने के लिए क्या शर्त अनिवार्य है।
उत्तर: सभी छूट और रिबेट केवल Self-Certified संपत्तियों पर ही मिलेंगी और इसके लिए 100% टैक्स (बकाया, ब्याज व पेनाल्टी सहित) का एकमुश्त भुगतान करना अनिवार्य है, किस्तों (Part Payment) में भुगतान पर रिबेट नहीं मिलेगी।







