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Haryana IAS officer Pradeep Dagar retirement controversy; accused ₹661 crore IDFC Bank scam CBI case



हरियाणा के सीनियर आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर आज सरकारी सेवा से रिटायर हो रहे हैं। हालांकि उनका रिटायरमेंट सामान्य नहीं है। डागर इस समय 661 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट-AU स्मॉल फाइनेंस बैंक स्कैम की जांच में फरार बताए जा रहे हैं, गिरफ्तारी से बचने के लि

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CBI जांच में आरोपी, गिरफ्तारी का खतरा 661 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले की जांच केंद्रीय एजेंसी CBI कर रही है। जांच के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार प्रदीप डागर को भी जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे लंबे समय से जांच एजेंसी की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। इसी बीच उन्होंने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए अग्रिम जमानत का सहारा लिया है। सस्पेंशन में ही खत्म होगी सर्विस हरियाणा सरकार ने CBI जांच के बाद प्रदीप डागर को निलंबित किया था। सामान्यतः किसी आईएएस अधिकारी का रिटायरमेंट सम्मानजनक प्रशासनिक प्रक्रिया माना जाता है, लेकिन डागर का कार्यकाल निलंबन और आपराधिक जांच के बीच समाप्त हो रहा है। रिटायरमेंट के बाद भी उनके खिलाफ चल रही जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

2 जुलाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले में अगला अहम पड़ाव 2 जुलाई है, जब पंचकूला जिला अदालत में प्रदीप डागर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। यदि अदालत राहत नहीं देती है तो CBI की आगे की कार्रवाई तेज हो सकती है। जांच में हरियाणा सरकार के कई विभागों की वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों की जांच की जा रही है।

169 करोड़ रुपए का सीबीआई लगा रही आरोप

सीबीआई के मुताबिक 2011 बैच के एचसीएस से प्रमोट होकर आईएएस अधिकारी बने प्रदीप डागर अगस्त 2022 से दिसंबर 2025 तक हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के मेंबर सचिव रहे। इस दौरान चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा में बोर्ड के खाते से 169 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई।

इसे इस पूरे घोटाले में किसी एक विभाग से जुड़ी सबसे बड़ी हेराफेरी माना जा रहा है। आरोप है कि बैंक अधिकारियों से जुड़ी शेल कंपनियों के माध्यम से यह राशि बाहर निकाली गई। सीबीआई ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत जांच की मंजूरी भी हासिल कर ली है। मामले में तत्कालीन चेयरमैन विनीत गर्ग भी जांच के दायरे में हैं। प्रदीप डागर को इस वर्ष आठ अप्रैल को परिवहन विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव पद से निलंबित किया गया था।



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