चंडीगढ़3 घंटे पहले
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रोपड़ हैडवर्क्स पर पानी पंजाब और हरियाणा के बीच बांटा जाता है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने धान सीजन के दौरान सिंचाई जरूरतों को देखते हुए पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए पानी जारी करने को लेकर मंजूरी दे दी है। बीबीएमबी ने ये मंजूरी चंडीगढ़ मुख्यालय में चेयरमैन मनोज त्रिपाठी की अध्यक्षता में साझेदार राज्यों की तकनीकी समिति (TCM) की आयोजित बैठक में दी गई है।
इस बैठक में राज्यों की जल मांग पर विस्तार से चर्चा के बाद पंजाब ने 25 हजार क्यूसेक, हरियाणा ने 10 हजार क्यूसेक और राजस्थान ने 12 हजार 500 क्यूसेक पानी की मांग रखी है। राज्यों की मांग को मंजूरी देते हुए बीबीएमबी ने तय किया कि अगली तकनीकी समिति की बैठक तक इन्हीं मात्रा में पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।
भाखड़ा-पोंग बांधों से छोड़ेगा पानी
आधिकारिक जानकारी के अनुसार बीबीएमबी प्रबंधन इस बार भाखड़ा और पोंग दोनों बांधों से पानी छोड़ेगा लेकिन भाखड़ा डैम से अपेक्षाकृत अधिक और पोंग डैम से कम पानी छोड़े जाने की संभावना है। इसका उद्देश्य भाखड़ा जलाशय के जलस्तर को कुछ फीट कम करना है, ताकि बर्फ पिघलने से आने वाले पानी और आगामी मानसून के दौरान होने वाले अतिरिक्त प्रवाह को संग्रहित करने के लिए पर्याप्त जगह बनाई जा सके।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस समय भाखड़ा के जलाशय का जलस्तर 1,578.07 फीट दर्ज किया गया है, जो इसके पूर्ण जलाशय स्तर (FRL) 1680 फीट से लगभग 102 फीट कम है। वहीं, पोंग जलाशय का जलस्तर 1328.34 फीट है, जबकि इसका एफआरएल 1400 फीट है।
रोपड़ हैंडवर्क्स से बंटता है पानी
पंजाब को बीबीएमबी प्रणाली के तहत 2 प्रमुख वितरण केंद्र रोपड़ और हरिके से पानी उपलब्ध करवाया जाता है। रोपड़ हैडवर्क्स पर पानी पंजाब और हरियाणा के बीच बांटा जाता है, जबकि हरिके बैराज से पंजाब और राजस्थान को पानी मिलता है। हरिके से छोड़े जाने वाले पानी में राजस्थान की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत अधिक रहती है।
30 जून को होगी टीसीएम की मीटिंग
बीबीएमबी ने स्पष्ट किया है कि 30 जून 2026 को होने वाली अगली तकनीकी समिति की बैठक में जलाशयों की स्थिति, मानसूनी परिस्थितियों और राज्यों की जरूरतों की समीक्षा करने के बाद आगे की जल आपूर्ति पर निर्णय लिया जाएगा। धान रोपाई के महत्वपूर्ण दौर में यह फैसला तीनों राज्यों के किसानों के लिए फिलहाल राहत भरा है।
